जिस पहल से संवरना था पाकुड़, उसी के बोर्ड पर सूख रहे पौधे

प्रगतिशील पाकुड़ की पहल के सुंदर बोर्ड अब प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक बन रहे हैं. देखरेख के अभाव में छोटे पौधे सूख रहे हैं, जो चिंताजनक है.

पाकुड़ : शहर को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाये गये प्रगतिशील पाकुड़ के बोर्ड अब प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर पेश करने लगे हैं. इन बोर्डों में लगाये गये छोटे-छोटे पौधे नियमित पानी और देखरेख के अभाव में सूखने लगे हैं. कई बोर्डों में पौधों की स्थिति खराब हो गयी है, जबकि बचे हुए पौधे भी उचित देखभाल नहीं होने के कारण सूखने के कगार पर हैं.

कई प्रमुख स्थानों पर लगाये गये थे बोर्ड

तत्कालीन उपायुक्त मनीष कुमार के कार्यकाल में थाना पाड़ा, टीन बांग्ला पोखर, सिद्धू-कान्हू पार्क के समीप समेत कई प्रमुख स्थानों पर प्रगतिशील पाकुड़ के तहत आकर्षक बोर्ड लगाये गये थे. इन बोर्डों में छोटे-छोटे पौधे लगाकर शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की पहल की गयी थी. शुरुआत में पौधों को नियमित रूप से पानी दिया जाता था. इससे ये बोर्ड शहर में आकर्षण का केंद्र बने थे.

देखरेख के अभाव में सूखने लगे पौधे

समय बीतने के साथ पौधों की देखरेख में कमी आती गयी. नियमित पानी नहीं मिलने और रखरखाव के अभाव में पौधे अब सूखने लगे हैं. कई बोर्डों में केवल सूखे पौधे और मिट्टी नजर आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधे लगाना अच्छी पहल है, लेकिन उनके संरक्षण और नियमित रखरखाव की व्यवस्था नहीं होगी तो इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता.

नये पौधे लगाने और स्थायी रखरखाव की मांग

लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से सूखने लगे पौधों को बचाने के लिए तत्काल पानी और देखरेख की व्यवस्था करने की मांग की है. साथ ही पूरी तरह खराब हो चुके पौधों की जगह नये पौधे लगाने और उनके संरक्षण की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की गयी है.

नगर परिषद से बात कर होगी कार्रवाई : डीडीसी

उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने कहा कि शहर के सुंदरीकरण की जिम्मेवारी नगर परिषद की है. पर्यावरण संरक्षण और शहर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा. मामले को लेकर जल्द ही नगर परिषद से बात कर यथोचित कार्रवाई की जाएगी.

नये पौधे लगाये जायेंगे : कार्यपालक पदाधिकारी

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रगतिशील पाकुड़ के बोर्ड में लगे पौधों की देखरेख का कार्यकाल एक वर्ष का था, जो पूरा हो चुका है. पौधों के नियमित रखरखाव को लेकर रूपरेखा तैयार की जा रही है. बोर्ड में दोबारा नये पौधे लगाये जाएंगे और उनके नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.


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लेखक के बारे में

By राघव कुमार मिश्रा

राघव कुमार मिश्रा प्रभात खबर के पाकुड़ प्रतिनिधि हैं. उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. वर्ष 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. प्रशासन, राजनीति, अपराध, सामाजिक सरोकार, शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उन्हें व्यापक अनुभव है. जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए उन्हें जाना जाता है.

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