पाकुड़ : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर शनिवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ओपेन स्काई स्मार्ट स्कूल, पाकुड़ में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यक्रम का नेतृत्व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश मुर्मू और सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी मणिकांत लाल ने किया. डॉ. प्रकाश मुर्मू ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और भावनात्मक चुनौतियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानियों को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय पर परिवार, शिक्षक, मित्र या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बातचीत करनी चाहिए. सकारात्मक सोच, स्वस्थ दिनचर्या और आपसी संवाद को जीवन का हिस्सा बनाने की भी अपील की.
मदद मांगना कमजोरी नहीं, समझदारी है
सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी मणिकांत लाल ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक झिझक दूर करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है. परेशानी होने पर मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी है.
सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य जरूरी
विद्यालय के निदेशक मनोज भगत ने कहा कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है. उनके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी विद्यालय की जिम्मेदारी है. कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों का सहयोग रहा.
