स्कूलों में कर्ज पर चल रहे एमडीएम, विद्यालयों पर 1.63 करोड़ उधार

स्कूलों में बच्चों के लिए बनने वाला मिड-डे मील पूरी तरह उधारी पर चल रहा है. जिले के लगभग सभी प्रखंडों में कमोबेश यही हालात बनी हुई है.

पाकुड़. सरकारी विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. वर्तमान परिस्थितियों में स्कूलों में बच्चों के लिए बनने वाला मिड-डे मील पूरी तरह उधारी पर चल रहा है. जिले के लगभग सभी प्रखंडों में कमोबेश यही हालात बनी हुई है. सदर प्रखंड की बात करें तो यहां कुल 188 विद्यालय मिड-डे मील योजना के तहत संचालित हैं. इन स्कूलों में करीब 66 हजार बच्चे नामांकित हैं, जिन्हें दैनिक रूप से भोजन उपलब्ध कराया जाना है. समग्र शिक्षा अभियान से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन विद्यालयों में एमडीएम योजना काफी समय से उधारी में चल रही है. भोजन प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाली माता समिति का बैलेंस लगातार माइनस में जा रहा है. स्थिति यह है कि शिक्षक लगभग 1 करोड़ 63 लाख रुपये के कर्जदार हो गए हैं. विभागीय निर्देश के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव सह प्राचार्य ही योजना का संचालन कर रहे हैं. भोजन पकाने के लिए आवश्यक सामग्री भी दुकानों से उधार ली जा रही है. लेकिन अब दुकानदार भी उधार देने में हिचकिचाने लगे हैं, जिसके कारण योजना प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है. बजट के अभाव में मिड-डे मील योजना पर सीधा असर पड़ सकता है. हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि राशि आवंटन को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है. विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर विद्यालयों को राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि योजना में किसी प्रकार की बाधा न आए. पाकुड़ बीइइओ सुमिता मरांडी का कहना है कि मिड-डे मील योजना की राशि जिला से प्राप्त होती है. सितंबर महीने में अंतिम बार राशि मिली थी. वर्तमान में कोई नयी राशि प्राप्त नहीं हुई है. एमडीएम उधारी में चल रहा है. राशि मिलते ही विद्यालयों को उपलब्ध करा दी जाएगी.

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Author: BINAY KUMAR

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