पलाश मार्ट में बिक रहे आम, रोज 2500 रुपये तक कमा रही पोलीना

मनरेगा बागवानी से बदली किस्मत, बंगाबाड़ी गांव की महिला बनी प्रेरणा स्रोत संवाददाता, पाकुड़ प्रखंड की बोंनोग्राम पंचायत अंतर्गत बंगाबाड़ी गांव की पोलीना हेंब्रम मनरेगा की बागवानी योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गई हैं. जेएसएलपीएस के सहयोग से उन्होंने उन्नत बागवानी अपनाई और अपने बगीचे से आम की बिक्री कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं. वर्ष 2016-17 में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि में आम की बागवानी के'

मनरेगा बागवानी से बदली किस्मत, बंगाबाड़ी गांव की महिला बनी प्रेरणा स्रोत संवाददाता, पाकुड़ प्रखंड की बोंनोग्राम पंचायत अंतर्गत बंगाबाड़ी गांव की पोलीना हेंब्रम मनरेगा की बागवानी योजना से जुड़कर आत्मनिर्भर बन गई हैं. जेएसएलपीएस के सहयोग से उन्होंने उन्नत बागवानी अपनाई और अपने बगीचे से आम की बिक्री कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं. वर्ष 2016-17 में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उन्हें एक एकड़ भूमि में आम की बागवानी के लिए आम्रपाली, हिमसागर और सिंदूर प्रजाति के 112 पौधे उपलब्ध कराए गए थे. मेहनत और नियमित देखभाल से पौधे अब फल देने लगे हैं. पिछले पांच वर्षों से वह सीधे बाजार में आम बेचकर प्रतिवर्ष लगभग 70 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं. वर्तमान में पोलीना प्रखंड मुख्यालय स्थित पलाश मार्ट स्टॉल में अपने बगीचे के आम बेच रही हैं. स्टॉल से उन्हें प्रतिदिन 1500 से 2500 रुपये तक की शुद्ध आमदनी हो रही है. वह स्वयं बगीचे से आम तोड़ने, छंटाई, पैकिंग और बिक्री तक का पूरा कार्य संभाल रही हैं. उनकी मेहनत ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है. शनिवार को जिला प्रबंधक वीरेंद्र कुमार, बीपीओ राजीव कुमार, एसटीसी अनूप कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने पलाश मार्ट स्टॉल का निरीक्षण किया और उनकी सफलता की सराहना की.

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