लीड. 968 अभ्यर्थियों ने कराया पंजीकरण, 327 का हुआ चयन

दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन पाकुड़ में श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग द्वारा किया गया, जिसमें आठवीं से स्नातक तक के 968 युवाओं ने भाग लिया। 327 युवाओं का ऑन-द-स्पॉट चयन हुआ और 212 को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। विधायक निसात आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं के रोजगार के प्रति संवेदनशील हैं और भविष्य में रोजगार मेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उपायुक्त मनीष कुमार ने युवाओं को शुरुआत में अधिक वेतन की अपेक्षा न करने और अनुभव व कौशल बढ़ाने पर जोर दिया। जिले में कौशल विकास केंद्र सुदृढ़ किए जा रहे हैं, और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की गई।

दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला का आयोजन, विधायक-डीसी ने सौंपे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री युवाओं के रोजगार को लेकर सदैव संवेदनशील: विधायक शुरुआत में अधिक वेतन की अपेक्षा नहीं करें, अनुभव और कौशल से आगे बढ़ें:डीसी नगर प्रतिनिधि, पाकुड़ श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा जिला नियोजनालय सह मांडल कैरियर सेंटर, पाकुड़ की ओर से बाजार समिति परिसर में एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला का आयोजन किया गया. इस मेले में आठवीं से स्नातक तक के युवाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर अतिथियों द्वारा किया गया. रोजगार मेला में कुल 23 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया. कुल 968 युवाओं ने पंजीकरण कराया जिनमें से 327 अभ्यर्थियों का ऑन द स्पॉट चयन किया गया, जबकि 212 युवाओं को आगे की प्रक्रिया के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. इस अवसर पर विधायक निसात आलम, उपायुक्त मनीष कुमार, आरजेडी जिला अध्यक्ष महावीर मड़ैया, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुमार सरकार और जिला नियोजनालय पदाधिकारी राहुल कुमार उपस्थित रहे. विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं के रोजगार को लेकर सदैव संवेदनशील हैं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में नियमित रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है और अब तक जिले में आयोजित मेलों के माध्यम से लगभग 1000 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिला है. उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी ताकि प्रत्येक योग्य युवा को रोजगार का अवसर मिल सके. उपायुक्त मनीष कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहली नौकरी केवल शुरुआत होती है. सफलता का असली सफर निरंतर सीखने और धैर्य से तय होता है. उन्होंने कहा कि युवा अक्सर शुरुआत में ही अधिक वेतन की अपेक्षा करते हैं, जबकि करियर अनुभव और कौशल से आगे बढ़ता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई लोग छोटे स्तर से शुरू कर उच्च पदों तक पहुंचे हैं, इसलिए कोई भी नौकरी छोटी नहीं होती. उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिले में सक्षम केंद्र और कौशल विकास केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है. जेपीएससी काउंसलिंग 5 दिसंबर से शुरू हो रही है. उड़ान कार्यक्रम के माध्यम से उच्च स्तरीय कोचिंग निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. रेलवे, एसएससी, सीडीएस, लोको पायलट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण भी चल रहा है. साथ ही जिले के पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण और डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर भारत निर्माण में सक्रिय योगदान दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sanu kumar dutta

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >