JLKM पाकुड़ जिलाध्यक्ष हसन अंसारी बर्खास्त: नौकरी और B.ED में ठगी के आरोपों पर जयराम महतो ने लिया एक्शन

नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपों के बाद जेएलकेएम ने पाकुड़ जिलाध्यक्ष हसन अंसारी को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। जानें पूरा मामला।

पाकुड़ : नौकरी और बी.एड में नामांकन दिलाने के नाम पर रुपये लेने के आरोपों में घिरे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के पाकुड़ जिलाध्यक्ष मो. हसन अंसारी को पार्टी ने तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने गुरुवार को आदेश जारी कर उन्हें जिलाध्यक्ष पद से पदमुक्त करने की घोषणा की. पार्टी ने आरोपों को गंभीर मानते हुए यह कार्रवाई की है.

शिकायतों के बाद संगठन ने लिया निर्णय

पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संगठन के संज्ञान में नौकरी दिलाने के नाम पर धन लेने की शिकायतें मिली थीं. उपलब्ध तथ्यों के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया आरोपों में आधार मिलने पर संगठन की गरिमा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया. हसन अंसारी को संगठन से जुड़े सभी अभिलेख, पहचान-पत्र और अन्य सामग्री संबंधित प्राधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया गया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि अब वे संगठन के नाम या पूर्व पद का किसी भी रूप में उपयोग नहीं कर सकेंगे.

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पार्टी बैठक में हुआ था हंगामा

बुधवार को हिरणपुर स्थित जया विवाह भवन में आयोजित जेएलकेएम की बैठक के दौरान नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप लगाने वाले युवकों ने हंगामा किया था. कासिला निवासी लाल मरांडी ने पोस्टमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर 1.20 लाख रुपये, जबकि बलियाडांगा निवासी राजेश मरांडी ने सिक्योरिटी गार्ड और अपनी बहन को मेडिकल क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया. सूचना मिलने पर हिरणपुर पुलिस दोनों पक्षों को थाना ले गई.

बॉन्ड भरकर लौटाने का दिया आश्वासन

हिरणपुर थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद गुरुवार सुबह हसन अंसारी को छोड़ दिया गया. उन्होंने शिकायतकर्ताओं का पैसा लौटाने के लिए बॉन्ड भरकर दिया है. साथ ही राशि लौटाने के लिए कुछ दिनों का समय भी मांगा है. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच हुई सहमति के आधार पर आगे की कार्रवाई की.

पहले भी जा चुके हैं जेल

हसन अंसारी पहले भी दुमका नगर थाना में दर्ज एक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं. उन पर बी.एड में नामांकन कराने के नाम पर 1.40 लाख रुपये लेने का आरोप है. शिकायत दर्ज होने के बाद दुमका पुलिस ने 23 जून को उन्हें गिरफ्तार कर केंद्रीय कारा भेजा था. पुलिस के अनुसार, नौकरी और नामांकन के नाम पर रुपये लेने से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच चल रही है. लगातार सामने आ रहे आरोपों और पार्टी की कार्रवाई के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Sameer Oraon

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