प्रतिनिधि, पाकुड़. सफाई कर्मियों पर शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी है, लेकिन वे संक्रमण के खतरे में काम कर रहे हैं. अक्सर वे बिना दस्ताने के कचरा उठाते हैं, जिससे आसपास के लोगों में भी संक्रमण का खतरा रहता है. नगर परिषद के अनुसार, उन्हें साल में एक बार दस्ताने मिलते हैं जो जल्दी फट जाते हैं. सफाई कर्मियों की सुरक्षा को नगर परिषद के पदाधिकारी अनदेखा कर रहे हैं. डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए वाहन तो हैं, लेकिन कर्मचारियों को मास्क और दस्ताने उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं. नगर परिषद स्वच्छता के प्रचार पर खूब खर्च करती है, लेकिन सफाई कर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि वे ही शहर को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. नगर परिषद को हर साल लाखों का राजस्व मिलता है, फिर भी कर्मचारियों की सुरक्षा की अनदेखी हो रही है. नाली और सड़क की सफाई करते समय वे हर पल संक्रमण का सामना करते हैं.
बोले नप पदाधिकारी
नगर परिषद सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति कटिबद्ध है और उन्हें आवश्यक उपकरण प्रदान करती है. हालांकि, सफाई कर्मियों द्वारा इनका उपयोग न करने के कारण, इनका वितरण सीमित है. दस्ताने पहनने में असहजता महसूस करने के कारण यदि सफाई कर्मी मांग करते हैं, तो नगर परिषद उन्हें उपलब्ध कराने के लिए तैयार है.
अमरेंद्र चौधरी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषदडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
