प्रतिनिधि, हिरणपुर. राजकीय उच्च विद्यालय हिरणपुर ने शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने और ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक सशक्त जन-जागरुकता अभियान की शुरुआत की है. बुधवार को विद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों की टीम ने बरमसिया, कमलघाटी, जबरदाहा, सुंदरपुर और रानीपुर जैसे गांवों में पहुंचकर लाउडस्पीकर से संदेश दिया और अभिभावकों से सीधे संवाद किया. शिक्षकों ने घर-घर जाकर समझाया कि शिक्षा ही वह दीपक है जो बच्चों का भविष्य उज्ज्वल करता है. नियमित विद्यालय आने से न केवल ज्ञान बढ़ता है, बल्कि छात्रवृत्ति, साइकिल योजना और निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता है. उन्होंने अभिभावकों को यह भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई ही उनके जीवन को नई दिशा दे सकती है. विद्यालय प्रशासन ने बताया कि कटाई के मौसम और घरेलू कार्यों के कारण कई बच्चे स्कूल से दूर हो जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह अभियान चलाया गया है. ग्रामीणों ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया. बरमसिया और रानीपुर के अभिभावकों ने वचन दिया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई और नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान देंगे. विद्यालय ने संकल्प लिया है कि ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, जब तक शत-प्रतिशत उपस्थिति का लक्ष्य पूरा न हो जाए. इस प्रेरक प्रयास में प्रभारी प्रधानाध्यापक रमेश प्रसाद गोस्वामी, शिक्षक कुमुद रंजन साहा, ऐनुल बारी, राकेश मिश्रा और सोनू विलियम किस्कू समेत अन्य शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही.
ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा जोड़ने का हिरणपुर स्कूल का अभियान
राजकीय उच्च विद्यालय हिरणपुर ने शिक्षा को सभी बच्चों तक पहुंचाने और ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। शिक्षक और कर्मचारी टीम ने बरमसिया, कमलघाटी, जबरदाहा, सुंदरपुर और रानीपुर गांवों में जाकर लाउडस्पीकर के माध्यम से और घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व और सरकारी योजनाओं के लाभों के बारे में बताया। कटाई के मौसम व घरेलू कार्यों के कारण बच्चे स्कूल से दूर हो जाते हैं, जिसे दूर करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया और बच्चों की नियमित उपस्थिति का वचन दिया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे अभियान शत-प्रतिशत उपस्थिति तक जारी रहेंगे।
