जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा संवाददाता, पाकुड़. राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं. जिले के फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सूचना भवन सभागार में आयोजित किया गया. कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, जिला सहकारिता पदाधिकारी चंद्रजीत खलखो, अंचलाधिकारी हिरणपुर सह मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार, अंचलाधिकारी महेशपुर सह मास्टर ट्रेनर संजय कुमार सिन्हा तथा जनगणना निदेशालय के उप निदेशक गजेन्द्र गुप्ता उपस्थित थे. अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने बताया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में संपन्न होगा. प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य एक मई से 30 मई 2026 के बीच किया जायेगा. द्वितीय चरण, अर्थात जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में संपन्न होगी. उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जायेगी और प्रगणक व पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी संकलित करेंगे. प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार और संजय कुमार सिन्हा ने फील्ड ट्रेनरों को जनगणना की विस्तृत प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके, तकनीकी उपयोग और सर्वेक्षण से संबंधित सभी आवश्यक बिंदुओं की जानकारी दी. बताया गया कि प्रथम चरण में कुल 34 प्रश्नों के माध्यम से मकानों से जुड़ी जानकारियां ली जाएंगी, जिनमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री और उपलब्ध सुविधाएं जैसे टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन आदि शामिल हैं. जनगणना के दौरान एकत्रित सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल शासकीय योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया जायेगा. प्रशिक्षण के बाद फील्ड ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिसके बाद वे निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर जानकारी संकलित करेंगे.
जनगणना होगी पूरी तरह डिजिटल, घर-घर से डाटा एकत्रित होगा
पाकुड़ जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां जुटकर चल रही हैं। फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हो गया है, जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की प्रक्रिया सिखाई गई। जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक होगा, जबकि जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें प्रगणक और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। मकानों से 34 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री और उपलब्ध सुविधाएं शामिल हैं। सभी जानकारियां गोपनीय रखी जाएंगी और केवल सरकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल की जाएंगी। प्रशिक्षण के बाद फील्ड ट्रेनर स्थानीय प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को भी प्रशिक्षित करेंगे।
