प्रतिनिधि, हिरणपुर. जंगलों में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की. गुप्त सूचना के आधार पर लिट्टीपाड़ा क्षेत्र के लबदाघाटी और रणबहियार में छापेमारी कर संयुक्त टीम ने 11 बोटा सखुआ की लकड़ी जब्त की. कार्रवाई के बाद अवैध रूप से लकड़ी काटने वालों में हड़कंप मच गया है.
गुप्त सूचना पर तीन वन प्रक्षेत्रों की टीम ने मारा छापा
वन विभाग को सूचना मिली थी कि लबदाघाटी और रणबहियार क्षेत्र में सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ियों को ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है. सूचना मिलते ही रेंजर बबलू देहरी के नेतृत्व में पाकुड़, हिरणपुर और अमड़ापाड़ा वन प्रक्षेत्र की संयुक्त टीम ने संबंधित इलाकों में छापेमारी की.
टीम ने मौके की तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों से 11 बोटा सखुआ की लकड़ी बरामद की. वनकर्मियों ने सभी लकड़ियों को जब्त कर लिया.
वन कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखी गयी लकड़ी
जब्त सखुआ की लकड़ियों को लिट्टीपाड़ा वन प्रक्षेत्र कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है. विभाग की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि जंगल से पेड़ों की कटाई किसने की और लकड़ी को कहां ले जाने की तैयारी थी.
अवैध कटाई में शामिल लोगों की पहचान के लिए वन विभाग की ओर से जानकारी जुटायी जा रही है.
पेड़ काटने वाले गिरोह की तलाश
अभियान में प्रधान वन रक्षी अनुपम यादव के अलावा वन रक्षक स्टीफेन हेम्ब्रम, सुनील कुमार साहा और मोहिलाल मुर्मू शामिल थे. टीम ने जंगल में अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटायी.
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगलों में अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
गिरोह की पहचान में जुटा विभाग
रेंजर बबलू देहरी ने बताया कि अवैध रूप से पेड़ काटने वाले गिरोह की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. मामले में अग्रतर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा को लेकर विभाग लगातार निगरानी कर रहा है.
