संवाददाता, पाकुड़. आगामी बोर्ड परीक्षा 2027 में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (पाकुड़ राज +2 विद्यालय) में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (PTM) का आयोजन किया गया. प्रभारी प्राचार्य राजू नंदन साहा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के अभिभावक एवं शिक्षक शामिल हुए. बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये.
कमजोर विद्यार्थियों के लिए होंगी विशेष कक्षाएं
बैठक में विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने पर सहमति बनी. कक्षाएं सुबह 8 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक चलेंगी. विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के आधार पर उन्हें ग्रेड-A और ग्रेड-B में बांटा जायेगा. ग्रेड-A में संतोषजनक शैक्षणिक स्तर वाले विद्यार्थियों को रखा जायेगा, जबकि कमजोर विद्यार्थियों को ग्रेड-B में शामिल किया जायेगा.
ग्रेड-B के विद्यार्थियों के लिए वर्गवार और विषयवार अलग-अलग कक्षाएं संचालित कर विशेष मार्गदर्शन दिया जायेगा. विद्यालय प्रशासन का उद्देश्य कमजोर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना और उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है.
75 फीसदी उपस्थिति पर ही भरा जायेगा परीक्षा फॉर्म
बैठक में स्पष्ट किया गया कि बोर्ड परीक्षा 2027 के लिए उन्हीं विद्यार्थियों का परीक्षा फॉर्म (LOC) भरा जायेगा, जिनकी विद्यालय में कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति होगी. 75 फीसदी से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा का फॉर्म नहीं भर सकेंगे. इसे लेकर अभिभावकों से अपने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील की गयी.
SA-I परीक्षा की तैयारियों की भी हुई समीक्षा
संगोष्ठी के दौरान सितंबर में प्रस्तावित SA-I परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी. अगस्त तक विद्यार्थियों की उपस्थिति का जायजा लेते हुए आगामी सभी कार्यदिवसों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. विद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जायेगा.
अभिभावक हुए शामिल
बैठक में सैकड़ों अभिभावकों के अलावा शिक्षक सुशील कुमार झा, कौशल कुमार झा, निर्मल ओझा, पूनम कुमारी, अंजन दास, साहिदुल इस्लाम, परितोष कुमार, राजीव दास और नसीम उज्जमा उपस्थित थे. संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.
