50 हेक्टेयर में 78,500 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में निभायी जिम्मेदारी बायोमास चूल्हे के उपयोग से 65 प्रतिशत कम लकड़ी की होगी खपत, धुएं में भी 70 फीसदी कमी संवाददाता, पाकुड़ विश्व पर्यावरण दिवस पर बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां साझा कीं. पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस परियोजना क्षेत्र में कंपनी ने करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर 78,500 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित आवरण विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की. साथ ही परियोजना प्रभावित परिवारों के बीच 3,400 फलदार पौधों का वितरण किया गया, जिससे आय और पोषण सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय पदाधिकारी अमुल कुमार सोरेन ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया. इस अवसर पर कंपनी ने 20 थर्मल एफिशिएंट लकड़ी एवं बायोमास चूल्हों का वितरण भी किया. कंपनी के अनुसार यह चूल्हा पारंपरिक चूल्हों की तुलना में 65 प्रतिशत कम लकड़ी की खपत और 70 प्रतिशत कम धुआं उत्सर्जित करता है. ग्रामीणों को इसके उपयोग और संचालन की जानकारी भी दी गई. प्रोजेक्ट हेड दिलीप तमन ने बताया कि भविष्य में प्रत्येक परियोजना प्रभावित परिवार को एक-एक बायोमास चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही आने वाले वर्षों में प्रतिवर्ष 50,000 फलदार पौधों का वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है. अमूल कुमार सोरेन ने कंपनी की पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास संबंधी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास को बढ़ावा देंगे. कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
विश्व पर्यावरण दिवस...बीजीआर माइनिंग ने बांटे 20 बायोमास चूल्हे व 3400 फलदार पौधे
बीजीआर माइनिंग एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने विश्व पर्यावरण दिवस पर 50 हेक्टेयर में 78,500 पौधे लगाकर हरित आवरण बढ़ाया। परियोजना प्रभावित परिवारों को 3,400 फलदार पौधे और 20 थर्मल एफिशिएंट बायोमास चूल्हे दिए गए, जो 65% कम लकड़ी खर्च करते हैं और 70% कम धुआं उत्सर्जित करते हैं। कंपनी ने हर प्रभावित परिवार को बायोमास चूल्हा देने और सालाना 50,000 फलदार पौधे वितरित करने का लक्ष्य रखा है। झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन प्रयासों की प्रशंसा की।
