शहरग्राम में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक निषेध पर जागरुकता

प्रतिनिधि, महेशपुर। शहरग्राम गांव में ग्रामसभा आयोजित हुई, जिसमें जलसहिया रुक्मिणी देवी ने कचरा प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बारे में जागरूकता फ़ैली। उन्होंने प्लास्टिक थैलों की बजाय कपड़े के थैलों के उपयोग की सलाह दी। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग जमा कर उचित निपटान करने, जैसे गीले कचरे में पेड़ के पत्ते, पेपर, आलू के छिलके शामिल हैं, जबकि प्लास्टिक की वस्तुएं कबाड़ी को बेचने पर बल दिया गया। ग्रामीणों ने भी इस पहल में भाग लिया और घरेलू कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।

प्रतिनिधि, महेशपुर. शहरग्राम गांव में मंगलवार को ग्रामसभा आयोजित हुई. जलसहिया रुक्मिणी देवी ने बताया कि, ग्रामीणों के बीच विशेष रूप से कचरा प्रबंधन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के संदर्भ में जागरूकता फैलायी गयी. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के थैले की जगह कपड़े के थैले का उपयोग करना चाहिए. गीला कचरा और सूखा कचरा को अलग-अलग करके उसका उचित निबटान किया जायेगा. घरेलू जरूरतों के अनुसार इसका प्रबंधन किया जायेगा, जैसे कि गीले कचरे में पेड़ का पत्ता, पेपर, आलू का छिलका आदि शामिल हैं, जबकि प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, प्लास्टिक की कुर्सी आदि को कबाड़ी वालों को बेच दिया जायेगा. मौके पर जल सहिया के अलावा कई ग्रामीण भी मौजूद थे.

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Published by: Sanu kumar dutta

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