प्रतिनिधि, पाकुड़: झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे क्षेत्र में सरकारी और रैयती जमीन पर कथित अवैध पत्थर खनन की शिकायत अब एसीबी जांच के दायरे में है. एसीबी दुमका की टीम पाकुड़ पहुंची. मामले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के बाद टीम ने मालपहाड़ी थाना क्षेत्र के कान्हूपुर स्थित खदान का स्थल निरीक्षण किया.
टीम ने मौके पर खनन गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य जुटाये और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की. जांच के दौरान स्थल की वीडियोग्राफी और तस्वीरें भी ली गयीं.
एसडीओ कार्यालय के बाद खनन कार्यालय पहुंची टीम
डीएसपी स्तर के अधिकारी और पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में पहुंची एसीबी टीम ने सबसे पहले एसडीओ कार्यालय से मामले से संबंधित जानकारी लेने का प्रयास किया.
एसआईआर-2026 के कार्य में व्यस्तता के कारण एसडीओ साइमन मरांडी से टीम की मुलाकात नहीं हो सकी. इसके बाद टीम जिला खनन कार्यालय पहुंची और मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की.
कान्हूपुर खदान में बारीकी से किया निरीक्षण
दस्तावेजों के अवलोकन के बाद एसीबी टीम कान्हूपुर पहुंची. यहां अधिकारियों ने खनन क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया.
मौके पर मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गयी. टीम ने स्थल की वीडियोग्राफी करने के साथ तस्वीरें भी लीं.
जांच के बाद एसीबी टीम की ओर से मामले को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी.
तीन मौजा की करीब 9.71 एकड़ जमीन से जुड़ी है शिकायत
मामला पाकुड़ अंचल के सिंगडडा, कसियाडांगा और कान्हूपुर मौजा की करीब 9.71 एकड़ जमीन पर कथित पत्थर उत्खनन से जुड़ा है.
पूर्व में प्रशासन की ओर से करायी गयी जांच में सरकारी और रैयती दोनों प्रकार की जमीन प्रभावित होने की बात सामने आयी थी. जांच के दौरान तीनों मौजा में जमीन की मापी भी करायी गयी थी.
प्रशासनिक जांच में सामने आई थी सीमावर्ती क्षेत्र तक उत्खनन की बात
प्रशासनिक जांच में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मुरारोई थाना क्षेत्र के राजग्राम की ओर से खनन करते हुए झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र तक उत्खनन किये जाने की बात सामने आयी थी.
इसके बाद पाकुड़ अंचल अधिकारी की ओर से ट्रेस मैप सहित जांच प्रतिवेदन तैयार कर जिला खनन विभाग को भेजा गया था.
एसआईआर कार्य में व्यस्त थे एसडीओ
एसडीओ साइमन मरांडी ने बताया कि एसीबी टीम के पाकुड़ आने की जानकारी थी. एसआईआर कार्य में व्यस्तता के कारण टीम से मुलाकात नहीं हो सकी.
उन्होंने बताया कि एसीबी की ओर से जांच के संबंध में उन्हें अब तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी है.
