चार माह से चापानल खराब, परेशानी
गरमी शुरू होते ही पाकुड़ के विभिन्न प्रखंडों में पेयजल समस्या शुरू हो जाती है. वहीं इस समस्या को लेकर विभाग उदासीन रवैया बनाये हुए है. अमड़ापाड़ा प्रखंड के कई चापानल खराब हैं. जिन्हें अब तक ठीक नहीं कराया गया है. इस कारण लोगों में आक्रोश है.
अमड़ापाड़ा : अमड़ापाड़ा प्रखंड मुख्यालय की स्थानीय हाट परिसर के समीप चापानल लगभग चार माह से खराब पड़ा हुआ है. विभाग की उदासीन रवैया के कारण 50 परिवार एवं साप्ताहिक हाट के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है. ग्रामीणों ने बताया की गरमी आते के आते ही पानी की समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने यह भी बताया की हमलोगों को 500 मीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ रहा है. बावजूद न तो विभागीय पदाधिकारी और न ही कोई जन प्रतिनिधि ही इस पर कोई ध्यान देते हैं.
पानी के लिए दूसरे गांव पर निर्भर हैं लोग
क्या कहते हैं भाजपा जिला उपाध्यक्ष
भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय भगत ने बताया कि विभाग की उदासीन रवैया के कारण सरकार की योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है. विभाग को ग्रामीणों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए.
– विजय भगत
क्या कहते हैं वार्ड सदस्य
पेयजल विभाग को कई बार कहा गया है कि पंचायत में जितने भी खराब चापानल हैं, सभी को ठीक नहीं हुआ तो पंचायत के जनप्रतिनिधि के द्वारा पेयजल विभाग कार्यालय का तालाबंदी और घेराव किया जायेगा.
– गौतम कुमार
क्या कहते हैं मुखिया
मुखिया कुसुम देवी ने बताया कि इस मामले में उचित कार्रवाई हेतु विभाग को लिखा जायेगा.
क्या कहते हैं ग्रामीण
प्रखंड में दो दिन साप्ताहिक हाट लगता है. लोगों को पीने के पानी की बड़ी समस्या है. पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है.
-रंजीत कुमार भगत
चार माह से चापानल खराब पड़ा हुआ है. कई बार विभाग को इसकी सूचना दी गयी है पर पेयजल विभाग सोया हुआ है.
-सरोज मुर्मू
चापाकल खराब रहने से ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. हाट में आये लोग पेयजल के लिए काफी परेशान रहते हैं.
– साहेबजन मरांडी
विभाग को विशेष ध्यान देकर चापानल मरम्मत करनी चाहिए, ताकि भीषण गरमी में लोगों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े.
