मजदूरी भुगतान मामले में पाकुड़ बीडीओ पर होगी कार्रवाई
मनरेगा लोकपाल को जनता से सीधा संवाद का दिया निर्देश
जनप्रतिनिधियाें व कर्मियों की दी सामाजिक अंकेक्षण की जानकारी
पाकुड़ : रविंद्र भवन में मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 द्वितीय चरण का सामाजिक अंकेक्षण कार्यक्रम हुआ. इसका उदघाटन उपायुक्त दिनेश चंद्र मिश्र, उपविकास आयुक्त दिलीप कुमार टोप्पो, मनरेगा लोकपाल रामजीवन आहड़ी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. उपायुक्त श्री मिश्र ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण में पूरे योजनाओं का जानकारी लेनी होगी तथा जांच प्रतिवेदन प्रखंड व जिला स्तर पर पदाधिकारियों को सौंपने की भी बात कही.
मनरेगा लोकपाल को आम जनता से सीधा संवाद करने को कहा. उपायुक्त ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य के बारे में जनप्रतिनिधियों समेत कर्मियों को जानना होगा. योजना का चयन ग्राम-सभा के माध्यम से पारित की गयी है. योजना सही ढंग से किया जा रहा है या नहीं. गुणवत्तापूर्ण कार्य हो रहा है या नहीं इसके बारे में पूरी जानकारी अंकेक्षण के माध्यम से किया जाता है. वहीं कार्यक्रम में मनरेगा लोकपाल ने जन प्रतिनिधियों से योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी.
शहरकोल मुखिया चित्रलेखा गोंड ने कहा कि सरकार द्वारा मनरेगा के माध्यम से गांव में ही ग्रामीणों को मजदूरी उपलब्ध कराना है. परंतु सरकार के लाख प्रयास के बावजूद मजदूर काम की तलाश में पलायन कर रहे हैं. क्योंकि मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं किया जाता है. इस दिशा में प्रशासन को ध्यान देना होगा. वहीं मालपहाड़ी के मुखिया मंगल हांसदा ने मजदूरों का भुगतान पांच-छह महीने तक भी नहीं दिये जाने की बात कही. श्री हांसदा ने कहा कि मजदूर कभी ब्लॉक तो कभी पोस्टऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं. पोस्टऑफिस द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता है.
परंतु प्रशासन द्वारा मजदूरी भुगतान के दिशा में सिर्फ आश्वासन दिया जाता है. इस पर उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकुड़ को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. कहा मजदूरों का भुगतान समय पर दिलाने हेतु सुनिश्चित किया जाय. कार्यक्रम का संचालन मनरेगा लोकपाल रामजीवन आहड़ी ने किया. कार्यक्रम में डीआरडीए निदेशक प्रदीप तिग्गा, प्रखंड विकास पदाधिकारी पाकुड़ शिवाजी भगत, समीर अल्फ्रेड मुर्मू सहित पंचायत सेवक, रोजगार सेवक सहित पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे.
