उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं पर 70% किये जायेंगे खर्च

उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं पर 70% किये जायेंगे खर्च

डीएमएफटी न्यास परिषद की हुई बैठक, लिये गये कई फैसले नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट न्यास परिषद की बैठक डीसी मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट न्यास परिषद की बैठक हुई. डीसी ने निर्देश दिया कि खनन प्रभावित पंचायतों के समग्र विकास के लिए योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि डीएमएफटी फंड का उपयोग केवल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खनन से प्रभावित क्षेत्रों में ही होगा. बैठक का उद्देश्य पंचायत क्षेत्रों के विकास के लिए प्रभावी योजनाओं का चयन करना था. डीसी ने सभी प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र के लिए योजनाओं का सुझाव देने को कहा, ताकि उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके. यह भी बताया गया कि ग्राम सभा के माध्यम से योजनाओं का चयन होगा, जिसमें उच्च और निम्न प्राथमिकता का विशेष ध्यान रखा जायेगा. उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और स्वच्छता से संबंधित योजनाएं शामिल होंगी. निम्न प्राथमिकता वाली योजनाओं में आधारभूत संरचना, सड़क, पुल-पुलिया और सिंचाई जैसी परियोजनाएं रहेंगी. वित्तीय वर्ष 2025-26 में डीएमएफटी कोष से होने वाले खर्च के संबंध में उपायुक्त ने बताया कि कुल राशि का 70% उच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं पर और 30% निम्न प्राथमिकता वाली योजनाओं पर खर्च किया जाएगा. बैठक में एसपी निधि द्विवेदी, डी महेश कुमार संथालिया, विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, पाकुड़ विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, लिट्टीपाड़ा विधायक प्रतिनिधि अजीजुल इस्लाम, महेशपुर विधायक प्रतिनिधि अदुद बदुद सहित विभिन्न पंचायतों के मुखिया एवं जिला प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

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