हिरणपुर में तालाब जीर्णोद्धार में अनियमितता का मामला
पाकुड़ : जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत बरमसिया पंचायत के केंदो मौजा अंतर्गत दुलमीडांगा गांव में तालाब के जीर्णोद्धार में अनियमितता मामले में डीसी ने बड़ी कार्रवाई की है. 10 लाख 58 हजार की लागत से हुई तालाब जीर्णोंद्धार कार्य में लाखों की फरजी निकासी मामले में डीसी दिनेशचंद्र मिश्र ने संवेदक, जेइ व रोजगार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पाकुड़ : जिले के हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत बरमसिया पंचायत के केंदो मौजा अंतर्गत दुलमीडांगा गांव में तालाब के जीर्णोद्धार में अनियमितता मामले में डीसी ने बड़ी कार्रवाई की है.
10 लाख 58 हजार की लागत से हुई तालाब जीर्णोंद्धार कार्य में लाखों की फरजी निकासी मामले में डीसी दिनेशचंद्र मिश्र ने संवेदक, जेइ व रोजगार सेवक के विरुद्ध हिरणपुर थाना में मामला दर्ज कराने का दिया है. इसी मामले में डीसी ने तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकरी, प्रखंड नाजीर, सहायक अभियंता व कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण भी पूछा है. साथ ही उपरोक्त योजना के संवेदक प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) सुरेंद्र नारायण साहा से 3 लाख 23 हजार रुपया संबंधित विभाग को जमा भी कराने का निर्देश दिया है .
सीएम ने डीसी को दिया था जांच के निर्देश : हिरणपुर प्रखंड के बरमसिया पंचायत के दुलमीडांगा गांव में वित्तीय वर्ष 2013 में योजना संख्या 438/13-14 के तहत 10 लाख 58 हजार की लागत से तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाना था. अभिकर्ता हिरणपुर प्रखंड में पदस्थापित प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी सुरेंद्र नारायण साह को बनाया गया था. तालाब खुदाई के नाम पर उपरोक्त अभिकर्ता द्वारा महज खानापूर्ति करते हुए 9 लाख 58 हजार रुपये की निकासी कर ली गयी. इसी मामले को लेकर गांव के ग्रामीण ने मुख्यमंत्री शिकायत कोषांग में शिकायत की थी. इसके बाद 30 दिसंबर 2015 को जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उपायुक्त पाकुड़ को एक सप्ताह के भीतर जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था.
जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट : मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीसी पाकुड़ दिनेशचंद्र मिश्र ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की थी. कार्यपालक दंडाधिकारी प्रमोद झा के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने उपरोक्त तालाब खुदाई की जांच कर रिपोर्ट डीसी को सौंपी. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है की जिस अनुपात में खुदाई का कार्य किया जाना था, नहीं किया गया है. जीर्णोद्धार कार्य के एवज में अत्यधिक राशि की निकासी की गयी है.
लीपापोती करने में लगा था अभिकर्ता : 30 दिसंबर 2015 को मुख्यमंत्री
बीपीआरओ सहित तीन…
जनसंवाद कार्यक्रम में मामला आने के बाद योजना के अभिकर्ता ने आनन-फानन में सैकड़ों मजदूर लगाकर तालाब की खुदाई पुनः शुरू करवा दी. हालांकि प्रथम दिन तालाब खुदाई का विरोध ग्रामीणों ने किया था, परंतु दूसरे दिन अभिकर्ता द्वारा तालाब की खुदाई करा दी गयी.