जरूरत 41 की, मिल रही 15 मेगावाट

जिले में अनियमित बिजली आपूर्ति से परेशानी पाकुड़ : जिले में अनियमित विद्युत आपूर्ति से तंग शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता जहां आंदोलित हैं, वहीं आवश्यकता से कम मेगावाट बिजली मिलने से विद्युत विभाग की परेशानी बढ़ गयी है. पिछले एक माह से बिजली आपूर्ति में सुधार के बजाय इसकी स्थिति दिनानुदिन बदतर होने […]

जिले में अनियमित बिजली आपूर्ति से परेशानी

पाकुड़ : जिले में अनियमित विद्युत आपूर्ति से तंग शहरी ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता जहां आंदोलित हैं, वहीं आवश्यकता से कम मेगावाट बिजली मिलने से विद्युत विभाग की परेशानी बढ़ गयी है.

पिछले एक माह से बिजली आपूर्ति में सुधार के बजाय इसकी स्थिति दिनानुदिन बदतर होने के कारण सड़क जाम, पोलियो अभियान का बहिष्कार, विद्युत विभाग के अधिकारियों का घेराव करने के लिए उपभोक्ताओं को मजबूर होना पड़ा है. बावजूद इसके झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड राज्य के अंतिम छोर में बसे पाकुड़ जिले के उपभोक्ताओं को नियमित विद्युत आपूर्ति की सुविधा मुहैया कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है.

लिहाजा अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या केवल उपभोक्ताओं के लिए, बल्कि विभागीय अधिकारियों प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है. बिजली विभाग के अनुसार, जिले में 41 मेगावाट विद्युत की जरूरत है, लेकिन ग्रिड स्टेशन को सात से आठ मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है.

यदि पश्चिम बंगाल विद्युत बोर्ड जिले को बिजली नहीं दे, तो मालपहाड़ी पत्थर उद्योग में पत्थर उत्पादन का काम सहित शहरी क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त नहीं मिल पायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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