– रामप्रसाद सिन्हा –
पाकुड़ : जिले में संचालित प्लस टू विद्यालयों की स्थिति ठीक नहीं है. विभाग की उदासीनता के कारण प्लस टू विद्यालय में पढ़ रहे छात्र–छात्रा शिक्षकों की कमी, प्रयोगशाला व पुस्तकालय के अभाव का दंश ङोल रहे हैं. इसके बाद भी जिले में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के दावे किये जा रहे हैं.
इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा में 4624 विद्यार्थी उर्तीण हुए और अबतक जिले के संचालित 6 प्रखंडों के प्लस टू विद्यालयों में मात्र 1460 छात्रों का ही नामांकन हो पाया है. जबकि सरकार के निर्देश के मुताबिक सभी प्लस टू विद्यालय में प्रति संकाय 128 विद्यार्थियों का नामांकन लिया जाना है और यदि आधारभूत संरचना विद्यालयों में हो तो नामांकन की संख्या 256 तक बढ़ाया जा सकता है.
42 पद है शिक्षकों के रिक्त
शिक्षा विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार जिले में प्लस टू विद्यालयों के लिए 66 शिक्षकों के पद स्वीकृत है और फिलवक्त 24 शिक्षक ही कार्यरत है. विभाग के अनुसार सभी प्लस टू विद्यालयों में 11-11 शिक्षकों का पदस्थापन किया जाना है, लेकिन जिले के पाकुड़ राज प्लस टू विद्यालय में नौ, हिरणपुर में तीन, लिट्टीपाड़ा में तीन, अमड़ापाड़ा में तीन, महेशपुर में तीन तथा पाकुड़िया प्लस टू विद्यालय में तीन शिक्षक ही फिलवक्त कार्यरत हैं.
शिक्षकों के कमी के कारण नहीं ले रहे बच्चे नामांकन में रुचि
जिले में शिक्षकों की कमी के कारण पांच प्रखंडों के प्लस टू विद्यालयों में विज्ञान संकाय में बच्चे नामांकन कराने में रूची नहीं ले रहे. निर्धारित 128 सीटों के विरुद्ध विज्ञान संकाय में हिरणपुर प्रखंड में 32, लिट्टीपाड़ा में नौ, अमड़ापाड़ा में सात, महेशपुर में 10 तथा पाकुड़िया प्रखंड के प्लस टू विद्यालय में 18 विज्ञान के विद्यार्थियों ने अबतक नामांकन कराया है. एक मात्र पाकुड राज प्लस टू विद्यालय में विज्ञान संकाय में 251 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है.
सीट बढाने की मांग को लेकर छात्र कर रहे आंदोलन
पाकुड़ राज प्लस टू विद्यालय में 11 वी की कक्षा में नामांकन के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र अगस्त माह से आंदोलन कर रहे हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले पाकुड राज प्लस टू विद्यालय के कार्यालय में जहां अनिश्चितकालीन तालाबंदी जारी है.
