मौसम की मार से टूटी कृषकों की कमर

प्याज व गेहूं की फसल को हुआ है भारी नुकसान पाकुड़ : महंगे होते खाद, बीज और सुखते तालाब ने पहले ही किसानों की कमर तोड़ दी है, उस पर से जब प्रकृति की मार किसानों पर पड़ती है तो फिर वह आर्थिक बोझ के नीचे दबते चले जाते हैं. साल भर परिवार का भरण-पोषण […]

प्याज व गेहूं की फसल को हुआ है भारी नुकसान
पाकुड़ : महंगे होते खाद, बीज और सुखते तालाब ने पहले ही किसानों की कमर तोड़ दी है, उस पर से जब प्रकृति की मार किसानों पर पड़ती है तो फिर वह आर्थिक बोझ के नीचे दबते चले जाते हैं. साल भर परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो जाता है. इस बार भी मौसम की बेवफाई का दंश मजबूरन किसानों को झेलना पड़ रहा है. 30 मार्च को बेमौसम बारिश और आंधी के कारण 124 हेक्टेयर जमीन पर लगे प्याज के फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.
जमकर हुए बारिश से खेतों में जल-जमाव हो गया. जिसकी चपेट में आकर प्याज की फसल सड़ गयी. दूसरी ओर गेहूं के फसल को आंशिक नुकसान पहुंचा है. गेहूं का लगभग 10 प्रतिशत फसल बरबाद हो गया है. पानी के कारण गेहूं के दाने का रंग चमकीला लाल व काला पड़ गया है. इस संबंध में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो समीम ने बताया कि गेहूं व प्याज के फसल को सबसे ज्यादा हानि पहुंचा है. खेत में पानी भरने से 40 प्रतिशत प्याज का फसल सड़ गया है. पाकुड़ के 124 हेक्टेयर जमीन पर लगा प्याज खराब हो गया. मो समीम ने बताया कि किसानों के फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को दी गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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