एसडीओ की जांच में हुआ खुलासा
पाकुड़ : जिले के खनन पट्टाधारियों के फर्जी एकरारनामा पर विस्फोटक समान पाकुड़ लाये जाते हैं. उक्त मामले का खुलासा डीसी के निर्देश पर एसडीओ द्वारा की गयी जांच से हुआ. खनन पट्टाधारियों के फर्जी एकरारनामा पर जिले में विस्फोटक समानों की आपूर्ति करने वाले मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज (देवघर) के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की भी तैयारी प्रशासन कर रहा है.
यहां उल्लेखनीय है कि मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज द्वारा पाकुड़ जिले के 12 खनन पट्टाधारियों को विस्फोटक सामग्रियों की आपूर्ति को लेकर डीसी को आवेदन पत्र दिये गये थे. जिसकी जांच का निर्देश डीसी केके दास ने एसडीओ विद्यानंद शर्मा पंकज को दिया था. जांच के दौरान खनन पट्टाधारी मेसर्स राधेश्याम स्टोन वर्क्स, पंकज कुमार टेबडिवाल, सोकोल मुमरू, पंचरतन भगत, शिवरतन सरकार, दिनेश स्टोन वर्क्स, अब्दुल वासीद, विशु सिंह आदि 12 पट्टाधारियों से एसडीओ ने स्पष्टीकरण पूछा था.
स्पष्टीकरण के जवाब में उक्त पट्टाधारियों ने लिखित रूप से एसडीओ को बताया कि उनके द्वारा मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज के साथ खदानों में विस्फोट को लेकर न तो कोई एकरारनामा किया गया है और न ही इसके साथ कोई संबंध है. दिये गये लिखित जवाब में पट्टाधारी सोकोल मुमरू एवं दिनेश मुमरू ने यह भी बताया कि उनके द्वारा विस्फोटक का उपयोग नहीं किया जाता.
एसडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट के माध्यम से डीसी का ध्यान आकृष्ट कराया है कि मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज से विस्फोटक के भंडारण एवं प्रयोग की अनुमति संबंधी पत्र, विस्फोटक के उपयोग विवरणी/रिटर्न की सत्यापित छाया प्रति, विस्फोटक के परिवहन एवं किसी अन्य व्यक्ति को विस्फोटक बिक्री संबंधी पत्र की छाया प्रति की नोटिस जारी कर की गयी थी. परंतु उनके द्वारा कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया. मामले को लेकर एसडीओ से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि गलत तरीके से फर्जी एकरारनामा दिखा कर मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज द्वारा विस्फोटक समानों की आपूर्ति के लिए आवेदन दिये गये थे. मेसर्स नूरजहां इंटर प्राइजेज द्वारा अवैध तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के खनन पट्टा क्षेत्र के विस्फोटक का उपयोग किये जाने के लिए एकरारनामा तैयार किया था. जो विस्फोटक अधिनियम 1984 एवं विस्फोटक अधिनियम 2008 के प्रावधानों का उल्लंघन है.
