जिले में जल संचयन की ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के पानी का सदुपयोग नहीं हो पा रहा है. इसका परिणाम यह हो रहा कि जलस्तर दिन ब दिन नीचे की ओर खिसकता जा रहा है.
हर साल मौसम विभाग अच्छी बारिश की उम्मीद जताती है. होती भी है, लेकिन बारिश के जल का ठहराव नहीं होने के कारण यह जमीन में जाने के बदले गंगा में समा जाती है.
साहिबगंज : हर साल मानसून आने के पहले शहर में पेयजल के लिए हाहाकार मचा रहता है. इसका सबसे बड़ा कारण है जल संग्रहण नहीं होना. इस बारे में प्रशासन ने भी कभी नहीं सोचा.
उधर, लगातार गिरते जलस्तर ने वैज्ञानिकों को भी सोच में डाल दिया है. शहरी क्षेत्र में पिछले 10 सालों में काफी कुछ बदल गया है जो प्रत्यक्ष रूप से जलस्तर को प्रभावित करने वाले कारक है. पहले शहर में 15-20 फीट की गहराई में आसानी से जलस्नेत मिल जाया करते थे. आज स्थिति विकट हो चुकी है.
– रबनवाज /अमित –
