पाकुड़ : पंचायती राज संस्थाओं को 16वें वित्त आयोग के प्रावधानों एवं एडवाइजरी की विस्तृत जानकारी देने के उद्देश्य से बुधवार को सूचना भवन स्थित सभागार में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष जूली ख्रीष्ट मुनि हेम्ब्रम, उपाध्यक्ष अशोक भगत एवं सभी सदस्य, उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल व जिले के सभी प्रखंड प्रमुख शामिल हुए.
वित्तीय संसाधनों के उपयोग की जानकारी
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रभारी जिला परियोजना प्रबंधक, ई-पंचायत आनंद प्रकाश ने 16वें वित्त आयोग की एडवाइजरी के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने वित्तीय संसाधनों के पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं के चयन, वित्तीय अनुशासन, योजना क्रियान्वयन एवं निगरानी से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला.
जनहितकारी योजनाओं पर जोर
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग जनहितकारी एवं परिणामोन्मुख योजनाओं में करने का अनुरोध किया.
ठोस कचरा प्रबंधन की जानकारी
दूसरे सत्र में जिला समन्वयक सुमन मिश्रा ने ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर जानकारी दी. उन्होंने पंचायत स्तर पर कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायतों के निर्माण में जनप्रतिनिधियों के साथ आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.
सवालों का अधिकारियों ने दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने 16वें वित्त आयोग और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल रखे. संबंधित अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया. कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही, बेहतर योजना प्रबंधन और स्वच्छ पंचायत व्यवस्था को बढ़ावा देना रहा.
