पाकुड़िया : पाकुड़िया से करीब सात किमी दूर आदिवासी गांव सोगले में लोग चापाकल का पानी पीकर बीमार हो रहे हैं. उनकी हड्डी कमजोर हो रही है. कई लोगों की कमर जवाब दे चुकी है और झुक रही है. कई लोग तो कह रहे हैं कि गांव के चापाकल का पानी पीकर ही वे कमजोर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पाकुड़िया : पाकुड़िया से करीब सात किमी दूर आदिवासी गांव सोगले में लोग चापाकल का पानी पीकर बीमार हो रहे हैं. उनकी हड्डी कमजोर हो रही है. कई लोगों की कमर जवाब दे चुकी है और झुक रही है. कई लोग तो कह रहे हैं कि गांव के चापाकल का पानी पीकर ही वे कमजोर हो रहे हैं. आखिर वहां के पानी में ऐसा क्या है. जिस कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं.
यह अब तक पाताल के गर्भ में है. सोमवार को इलाके के विधायक प्रो स्टीफन मरांडी गांव वालों का हालचाल लेने पहुंचे. हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. प्रो मरांडी ने पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को दूरभाष पर भी दी. साथ ही इसकी त्वरित जांच कराने का निर्देश दिया. उन्होंने अभियंता से यह भी कहा कि यह गंभीर मामला है. इस बाबत वे विभाग के सचिव से बात करें. ताकि इसका स्थायी समाधान निकल सके. ग्रामीण निवारण मरांडी, मुखिया दाऊद मरांडी आदि ने बताया कि सोगले में पांच चापाकल हैं. इस पानी को पीकर ही लोग बीमार हो रहे हैं आखिर इस पानी में क्या है. इसकी जांच की जाय.
ये ग्रामीण हो चुके हैं बीमार
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण बन्नेस्वर हेंब्रम का कमर टेढ़ी हो गयी है. मेरी मरांडी 14 वर्ष का दोनों पैर टेढ़े हो चुके हैं. उसी तरह सिपाली हेंब्रम, जोबा हेंब्रम, रासमुनि हेंब्रम के दांत टूट चुका है. चलने फिरने में भी कठिनाई हो रही है. वहीं सुंदरी मुर्मू, मिरु मरांडी, मंगल सोरेन, अंजुलास मरांडी भी चापाकल के पानी को पीकर कमजोर हो गये हैं. इनकी उम्र मात्र 35-40 साल है. ग्रामीणों ने विधायक से यथाशीघ्र पानी की जांच करवा कर इसकी वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है. इस पर विधायक ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
क्या कहते हैं अभियंता
सोगले ग्राम में मंगलवार को ही टीम भेजी जायेगी. पानी का नमूना इकठ्ठा कर पाकुड़ के लैब में जांच की जायेगी. तभी पता चल पायेगा कि पानी में आर्सेनिक या फ्लोराइड की मात्रा कितनी है. जिस कारण लोगों की हड्डी कमजोर हो रही है.
जेसन होरो, सहायक अभियंता
मामले की जानकारी नहीं है. आखिर वहां के पानी में क्या है. इसकी जांच के बाद ही पता चल पायेगा. अभी हाल ही में जिले में योगदान दिया है. पहले यह मामला विभाग के संज्ञान में दिया गया है कि नहीं इसकी पड़ताल करेंगे. हरसंभव कार्रवाई की जायेगी.