साफ व सुंदर शहर के लिए हमें भी करनी होगी पहल

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 क्या ऐसे प्राप्त होगा स्वच्छ शहर होने का गौरव पाकुड़ : स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2018 को लेकर भले ही नगर परिषद पाकुड़ के पदाधिकारी व कर्मचारी तैयारी में जुटे हों, पर जब तक शहर के लोगों में जागरूकता नहीं आयेगी शहर स्वच्छता के मामले में बेहतर नहीं हो सकते. नगर परिषद की […]

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018

क्या ऐसे प्राप्त होगा स्वच्छ शहर होने का गौरव
पाकुड़ : स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2018 को लेकर भले ही नगर परिषद पाकुड़ के पदाधिकारी व कर्मचारी तैयारी में जुटे हों, पर जब तक शहर के लोगों में जागरूकता नहीं आयेगी शहर स्वच्छता के मामले में बेहतर नहीं हो सकते. नगर परिषद की ओर से अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गयी है. जगह-जगह कूड़ेदान लगाने के लिए विभाग की ओर से सूची तैयार की जा रही है. कई ऐसे स्थान हैं, जहां कूड़ादान होने के बावजूद लोग बाहर कचड़े को फेंकते हैं. इससे बचना होगा और शहरवासियों को इस दिशा में जागरूक भी करना होगा.
ऐसे तो प्रतिमाह शहर के सफाई के नाम पर चार लाख रुपये खर्च होता आ रहा है. विभाग की ओर से सफाई के लिए 49 सफाई कर्मी भी लगाये गये हैं. स्टेशन से लेकर शहर के दोनों किनारे जगह-जगह प्रतिदिन कचरे का अंबार लगा रहता है. दुकानदार भी दुकानों की सफाई के बाद कूड़ेदान की बजाय बाहर ही कचरा फेंक जाते हैं. शहर के कई ऐसे मुहल्ले हैं, जहां की नालियां बज-बजा रही है. जबकि कई स्थान पर कूड़े पसरे हुए हैं. देश के 4041 नगर निकायों को स्वच्छता के कसौटी पर कसा जाना है. राज्य भर के अन्य निकायों से स्वच्छता के मामले में पाकुड़ को बेहतर बनाने के लिए नगर परिषद के पदाधिकारी, कर्मचारी, सफाई कर्मी के अलावे शहरी क्षेत्र के लोगों को भी आगे आना होगा. सरकारी कार्यालयों में भी सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है. अगर हम खुद सफाई के प्रति गंभीर नहीं होंगे तो स्वच्छता रैंकिंग में हमारा शहर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर मुकाम कैसे हासिल करेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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