महेशपुर : लालचुआं गांव में 19 अगस्त को आंगनबाड़ी केंद्र के लिए सेविका का चयन मनमानी ढंग से होने की लिखित शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया. गुरुवार को गांव के दर्जनों महिला व पुरुष, बाल विकास परियोजना कार्यालय महेशपुर के समक्ष धरने पर बैठ गये. धरने में शामिल सभी महिला व पुरुषों की एक ही मांग थी कि सभी ग्रामीणों की सहमति के बिना चयन की गयी सेविका को हटाकर पुनः ग्राम सभा कराकर सर्वसम्मति से सेविका का चयन किया जाये. धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सीडीपीओ संध्या रानी कार्यालय पहुंचे,
धरने पर बैठे लोगों के बीच से प्रतिनिधि मंडल को कार्यालय कक्ष में बुलाकर बातचीत कर मामले की जानकारी ली. सीडीपीओ संध्या रानी ने सेविका चयन पंजी ग्रामीणों द्वारा पूर्व में दिये आवेदन का अवलोकन करने के पश्चात प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों से शिकायत लिखित रूप से देने को कहा. कहा कि शिकायत को जिला स्तर पर भेजने की बात कही. प्रतिनिधि मंडल ने ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित एक आवेदन सीडीपीओ को दिया है. जिसमें आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए पुनः
ग्राम सभा कर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में सेविका का चयन किया जाये. तब तक सेविका ऐमेली मरांडी से आंगनबाड़ी केंद्र में कार्य नहीं लिया जाये. मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण केंद्र का बहिष्कार करेंगे व बच्चों को नहीं भेजेंगे. सीडीपीओ के आश्वासन के बाद ग्रामीण सहमत हो गये. मौके पर लालचुआं ग्राम प्रधान जोसेफ सोरेन, बनेश्वर सोरेन, शीलवंती टुड्डू, कृष्णा मुर्मू के अलावे भाजपा के सुरेंद्र प्रसाद भगत, रतन प्रसाद साह, अमित अग्रवाल, गोपाल प्रसाद भगत, देवराज तिवारी भी थे.
