भंडरा़ मई के महीने में जब सूरज आग उगलता है, तब भंडरा प्रखंड में आसमान से राहत नहीं आफत बरस रही है. पिछले 10 दिनों से रोज शाम होते ही मौसम ऐसा बिगड़ता है कि पूरा जनजीवन ठहर सा जाता है.तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और लगातार कड़कती बिजली ने लोगों का चैन छीन लिया है. खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई है, वज्रपात के खौफ से शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है.ग्रामीण बताते हैं कि मई जून महीना में सुबह से दोपहर तक भीषण गर्मी और उमस रहती है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है. लेकिन इस वर्ष दोपहर 2बजते ही पश्चिम से काले बादल उमड़ते हैं.देखते-देखते तेज हवा चलती है, आसमान में बिजली चमकती है और झमाझम बारिश शुरू हो जाती है. यह सिलसिला 1 मई से लगातार चल रहा है.इस बेमौसम बारिश ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में कटी हुई और कटने को तैयार मक्का, मूंग, भिंडी, करेला, नेनुआ की फसलें बर्बाद हो गई हैं. खेतों में पानी भरने से सब्जियां सड़ रही हैं. प्रखंड के किसानो ने भरी आंखों से कहा कई एकड़ में सब्जी लगाई थी. मंडी ले जाने ही वाला था. चार दिन की बारिश में सब गल गई.अब बीज और खाद का कर्ज कैसे चुकायेंगे. प्रखंड में लगभग 50 प्रतिशत सब्जी की फसल चौपट हो चुकी है. बारिश के साथ गिर रही आकाशीय बिजली अब जानलेवा साबित हो रही है.प्रखंड में भी कई जगह पेड़ों पर बिजली गिरने की खबर आ रही है .लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में इतना खौफ है कि किसान मौसम खराब होने से पहले ही खेत छोड़कर घर लौट आते हैं.बच्चे स्कूल से सीधे घर में दुबक जाते हैं.आंधी-पानी के कारण बिजली पूरे प्रखंड में रोज 5 से 8 घंटे बिजली गुल रहती है. बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति ठप है.मोबाइल टावर बंद होने से नेटवर्क भी गायब हो जाता है. भंडरा प्रखंड बस्ती पर जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ से फिसलन बढ़ गई है. दोपहिया वाहन चालक रोज गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
बेमौसम आंधी-बारिश से फसलें चौपट, बिजली-पानी संकट गहराया

बेमौसम आंधी-बारिश से फसलें चौपट, बिजली-पानी संकट गहराया
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बेमौसम आंधी-बारिश से फसलें चौपट, बिजली-पानी संकट गहराया