कुड़ू (लोहरदगा). प्रखंड में करमा पूर्व संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रम रविवार को मांदर और नगाड़ों की थाप के बीच संपन्न हुआ. कार्यक्रम में पहुंचे सांसद सुखदेव भगत ने करमा पर्व के महत्व और इससे जुड़े संदेशों पर प्रकाश डाला.
करम और धरम की कथा का किया उल्लेख
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि करमा पर्व कई संदेश देता है. उन्होंने करम और धरम दो भाइयों से जुड़ी लोककथा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों भाइयों की रक्षा के लिए उनकी बहन ने करम डाली में रक्षा सूत्र बांधकर करम देव से उनकी रक्षा की मन्नत मांगी और दिनभर निर्जला एकादशी का व्रत रखा. बहन की पुकार पर करम देव प्रसन्न हुए और दोनों भाइयों की रक्षा की. तभी से करमा एकादशी का व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है.
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति का उपासक है. करम देवता से बेहतर फसल उत्पादन की कामना की जाती है. उन्होंने कहा कि सभ्यता और संस्कृति को बचाये रखने के लिए समाज में एकजुटता जरूरी है.
मांदर बजाकर झूमे सांसद
कुड़ू पहुंचने पर सांसद सुखदेव भगत का स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने मांदर बजाया और झूमर में शामिल होकर खुशी जतायी. कार्यक्रम में विधायक के निजी सचिव आलोक कुमार साहू, सांसद प्रतिनिधि लाल विकास नाथ शाहदेव समेत आयोजन समिति के सदस्य और अन्य लोग मौजूद थे.
