कैरो़ जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा के निर्देश पर इक्कीस पड़हा डोरंदा की बैठक हजारी बगीचा उल्टी में बेल राज किनू मुंडा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में डोरंदा, उल्टी, बेयासी, गजनी, गाराडीह, खुखरा, दांडूपाड़ा, पचगाईं, कांजगी, शेरों, नगजुआ, रानी टोली, नरकोपी, खिजरी, करगे समेत इक्कीस गांवों के पहान, पुजार, महतो व सामाजिक लोग उपस्थित थे. इस दौरान एड़ादोन की पुरानी समिति भंग कर सात पड़हा एड़ादोन की नयी समिति का गठन किया गया. इसमें बेल बासुदेव उरांव, ठाकुर बाबूलाल उरांव, दीवान एतवा उरांव, कोटवार बिरसा उरांव तथा सदस्य के रूप में विश्राम उरांव, सोमा उरांव और धर्मदेव उरांव को चुना गया. पड़हा व्यवस्था को मजबूत करने पर बल : जिला राजी पड़हा व्यवस्था के उप दीवान सह प्रभारी बजरंग उरांव ने कहा कि परंपरा, रीति-रिवाज, संस्कृति और भाषा ही जनजातीय समाज की पहचान है. समाज को सशक्त बनाने के लिए युवाओं को शिक्षा पर ध्यान देने और नशे से दूर रहने की जरूरत है. पड़हा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया गया. बैठक में नरसिंह उरांव, विश्वनाथ उरांव, सुरेंद्र उरांव, प्रदेशिया उरांव, मेघनाथ उरांव, राजू उरांव, लक्ष्मण उरांव, एतवा उरांव, बासुदेव उरांव, बिरसा उरांव, विश्राम उरांव, सोमा उरांव,धर्मदेव उरांव, छेदी उरांव, राजकुमार उरांव, भौवा उरांव, दिलीप उरांव, शिवा उरांव, राम उरांव,रामेश्वर उरांव आदि उपस्थित थे.
समाज को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा पर ध्यान और नशा मुक्त होना जरूरी : बजरंग उरांव
समाज को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा पर ध्यान और नशा मुक्त होना जरूरी : बजरंग उरांव
