लोहरदगा. फिल्म निर्माता-निर्देशक लाल विजय शाहदेव ने रांची में झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर के तीन स्तंभों पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख और पद्मश्री महावीर नायक से शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान झारखंड की कला-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर सार्थक चर्चा हुई. चर्चा का मुख्य केंद्र नागपुरी संगीत का संरक्षण रहा. सभी विद्वानों ने आधुनिकता के प्रभाव में नागपुरी संगीत के मूल स्वरूप और उसकी पारंपरिक आत्मा के विकृत होने पर गहरी चिंता जतायी. बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि लोक संगीत की मौलिकता बचाये रखने के लिए सामूहिक और ठोस पहल अनिवार्य है. फिल्म निर्देशक ने कलाकारों के साथ मिलकर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूती से रखने का संकल्प दोहराया.
मनरेगा और सिंचाई कूप योजनाओं का ससमय कार्य पूर्ण करने का निर्देश
मनरेगा और सिंचाई कूप योजनाओं का ससमय कार्य पूर्ण करने का निर्देश

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