नशे की चपेट में तेजी से आ रही है युवा पीढ़ी, लोग चाहते हैं दमदार प्रत्याशी

नशे की चपेट में तेजी से आ रही है युवा पीढ़ी, लोग चाहते हैं दमदार प्रत्याशी

लोहरदगा़ लोहरदगा नगर परिषद क्षेत्र का वार्ड संख्या 18 इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. क्षेत्रफल के लिहाज से जिले के बड़े वार्डों में शुमार इस क्षेत्र में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है. स्थानीय लोगों का स्पष्ट आरोप है कि बीते पांच वर्षों में विकास सिर्फ कागजों पर हुआ है, जबकि धरातल पर योजनाओं में जमकर लूट मचायी गयी. विकास के नाम पर जनता को ठगा गया है. अब स्थिति यह है कि लोग किसी ऐसे ””””मैच्योर”””” और गंभीर प्रतिनिधि की तलाश में हैं, जो कमीशनखोरी छोड़कर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास कर सके. वार्ड की गलियों में गंदगी, बजबजाती नालियां और नशाखोरी सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरी है. लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने जनता के हक को मारा और सिर्फ अपना विकास किया. आये दिन होने वाले झगड़े और बढ़ते अपराध से लोग मर्माहत हैं. मतदाताओं का कहना है कि अब वे किसी के झांसे में नहीं आने वाले. इस बार चुनाव में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बनाया जायेगा. वार्ड संख्या 18 : एक नजर में प्रमुख क्षेत्र : थाना रोड, चंद्रशेखर आजाद चौक, ठाकुर मोहल्ला, हटिया गार्डन, तिवारी दूरा, धर्मशाला रोड, महादेव टोली रोड, जयनाथपुर, बौली बगीचा, अपर बाजार, चुन्नीलाल स्कूल गली. कुल मतदाता: 2126 पुरुष मतदाता : 1045, महिला मतदाता : 1081 वार्ड 18 की जनता की आवाज वार्ड में विजनरी पार्षद की जरूरत है. युवा नशे की गिरफ्त में हैं, जिससे अपराध बढ़ रहा है. पार्षद को चाहिए कि वार्ड में एक सामुदायिक हॉल या लाइब्रेरी की व्यवस्था हो, जहां अखबार, प्रतियोगी किताबें और इनडोर गेम्स की सुविधा मिले. लोग वहां योगा कर सकें और सीनियर सिटीजन समय बिता सकें. पिछले पांच वर्षों में विजन की कमी के कारण यह क्षेत्र पिछड़ गया है. पीयूष कुशवाहा बौली बगीचा तालाब, जो 1967 के अकाल में भी नहीं सूखा था, आज पूरी तरह दूषित हो चुका है. बगल का विवाह मंडप खंडहर बन रहा है और जुआरियों का अड्डा बन चुका है. हमारी मांग है कि तालाब और मंडप का जीर्णोद्धार हो तथा खाली जमीन पर पार्क बने. जनप्रतिनिधि को नशाखोरी और गंदगी से मुक्ति दिलाने की दिशा में ठोस काम करना होगा. कुंदरू कांस्यकार अब समय की मांग ””””मोहल्ला क्लिनिक”””” की है. दो-तीन वार्ड मिलाकर एक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए जहां डॉक्टर और दवाएं उपलब्ध हों. वार्ड में गरीब, आदिवासी व दलितों की संख्या अधिक है, लेकिन उनका वास्तविक विकास नहीं हुआ. जो भी प्रत्याशी बने, वह मंदिर में कसम खायें कि कमीशन नहीं लेगा, तभी विकास संभव है. लाइट-नाली तो सामान्य प्रक्रिया है, हमें बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए. वैष्णवी ठाकुर अभिभावक हार रहे हैं और नशा जीत रहा है. थाना से मात्र 200 मीटर की दूरी पर गांजा, चरस और शराब का बड़ा नेटवर्क चल रहा है. युवा अपराध की ओर बढ़ रहे हैं. जनप्रतिनिधियों को कमीशनखोरी छोड़कर पुलिस के सहयोग से इसे अभियान बनाकर रोकना होगा. नालियां टूटी हैं, जलजमाव और मच्छर से बीमारियां फैल रही हैं. यह वार्ड गंदगी में नंबर वन बन गया है. संजय बर्म्मन बेरोजगारी और पढ़ाई-लिखाई का खर्च आम आदमी की कमर तोड़ रहा है. बीमारी में होने वाले खर्च ने गरीबों को परेशान कर रखा है. नये पार्षद को इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. सिर्फ भाषण से पेट नहीं भरता, धरातल पर काम दिखना चाहिए. गरीबों के कल्याण के लिए योजनाएं सही तरीके से लागू होनी चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिले. संतोष उरांव निवर्तमान पार्षद का पक्ष अपने वार्ड के विकास के लिए मैंने निरंतर प्रयास किया है. कई महत्वपूर्ण कार्य धरातल पर उतरे हैं. जो काम अधूरे रह गये हैं, उन्हें अगले कार्यकाल में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जायेगा. जनता का समर्थन मेरे साथ है और मुझे उनके विवेक पर पूरा भरोसा है. संगीता देवी, निवर्तमान पार्षद

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