संस्कृति, परंपरा व लोककला का संरक्षण करना ही उद्देश्य

वनवासी कल्याण केन्द्र झारखंड की सम्बद्ध शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलगी के तत्वावधान में मंगलवार को भव्य तरीके से जनजाति गौरव दिवस मनाया गया.

कुड़ू. वनवासी कल्याण केन्द्र झारखंड की सम्बद्ध शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सलगी के तत्वावधान में मंगलवार को भव्य तरीके से जनजाति गौरव दिवस मनाया गया. कार्यक्रम मे आचार्य – आचार्याओं के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पांजलि करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. विद्यालय की बहनों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. सुशील भारती ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी संस्कृति, परंपरा व लोककला को संरक्षण करने की प्रेरणा मिलती है.मौके पर योगेंद्र कुमार ने भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी व उपदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के चरित्र से आज भी हमें अपने देश-धर्म-संस्कृति की रक्षा व संवर्धन की प्रेरणा मिलती है. प्रेमचंद ने कहा कि बिरसा मुंडा की जयंती हमारे जनजाति समाज के लिए गौरव का दिन है. सभी जनजातीय वीरों को याद करना चाहिए, इन सभी महापुरुषों ने पूरे देश व समाज को जोड़ने का कार्य किया है. जनजाति समाज की गौरवमयी परम्परा संस्कृति, संस्कार, लोकनृत्य, लोककथा को स्मरण कर अपने जीवन शैली में उतारने की जरूरत है. मौके पर बहनों की नृत्य मण्डली के द्वारा आकर्षक पारंपरिक लोक नृत्य व भाषण की प्रस्तुति संस्कृत,अंग्रेजी व हिन्दी में की गई. ढोल,नगाड़े, मांदर आदि की गूँज से सारा परिसर झूम उठा. विद्यालय के भैया – बहनों के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा का आकर्षक रूप सज्जा की प्रस्तुति कुशल प्रजापति इत्यादि के द्वारा की गई.आचार्य नवीन शाहदेव ने धन्यवाद ज्ञापन तथा मंच संचालन आचार्य रामशंकर ने किया. भैया – बहनों ने कार्यक्रम में सभी आचार्य-आचार्या व भैया बहन शामिल थें.

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By Prabhat Khabar News Desk

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