कुड़ू (लोहरदगा): सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बड़की चांपी में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और दार्शनिक भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनायी गयी.
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोहर मोदी और लाल गौरी शंकर नाथ शाहदेव ने मां सरस्वती, ओम, भारत माता तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित और पुष्पार्चन कर किया. इसके बाद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला.
ये भी पढ़ें- पंचतत्व में विलीन होंगे सुदिव्य कुमार सोनू, राजकीय सम्मान के साथ साढ़े 3 बजे होगा अंतिम संस्कार
विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति
प्रधानाचार्य ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन आदर्श शिक्षक और उच्च कोटि के विचारक थे. उनका जीवन ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है. इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षक की महत्ता पर आधारित भाषण, प्रेरक प्रसंग, संस्कृत श्लोक और कविता प्रस्तुत की.
शिक्षकों के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय के सभी आचार्य और दीदियों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया. साथ ही उन्हें उपहार भेंट कर उनके मार्गदर्शन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ. मौके पर विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्या, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद थे.
ये भी पढ़ें- मंत्री सुदिव्य सोनू का निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति: पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू
