लोहरदगा. लोहरदगा में पथ निर्माण विभाग द्वारा खनिजों की सड़क मार्ग से ढुलाई पर 1200 प्रति ट्रिप यूजर चार्ज लागू किये जाने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में हलचल मच गयी है. यह शुल्क खान विभाग द्वारा जारी चालान से जोड़ दिया गया है, जिससे प्रत्येक चालान पर यह अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है. लोहरदगा-गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है, और ऐसे में इसे लागू करना न्यायालय की अवमानना जैसा प्रतीत होता है. उन्होंने यह भी कहा कि जेम पोर्टल का उद्देश्य अवैध खनन पर रोक लगाना है, न कि पथ निर्माण विभाग के लिए टोल टैक्स वसूलना. उनका तर्क है कि लोहरदगा, गुमला और लातेहार जैसे जिले औद्योगिक रूप से पिछड़े हैं और यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः बॉक्साइट खनन और ढुलाई पर निर्भर हैं. ऐसे में इस तरह का अतिरिक्त शुल्क इस व्यवसाय को और अधिक संकट में डाल देगा. पहले से ही ट्रांसपोर्टिंग व्यवसाय पर रोड टैक्स, खनन रॉयल्टी और अन्य शुल्कों का भारी बोझ है. एक व्यावसायिक वाहन को चलाने के लिए 8 से 9 प्रकार के दस्तावेज और शुल्क पहले से ही अनिवार्य हैं. एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे न्यायालय का रुख करेंगे. यह मामला न केवल आर्थिक बोझ का है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी गहरा असर डाल सकता है.
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