लोहरदगा़ जन भागीदारी अभियान सबसे दूर, सबसे पहले के तहत जिला प्रशासन द्वारा 18 से 25 मई तक पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) चलाया जा रहा है. इसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना है. जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देश पर संचालित इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. विशेष शिविरों में मिलेंगी बुनियादी सुविधाएं : उपायुक्त ने बताया कि अभियान के तहत सुदूरवर्ती जनजातीय बहुल गांवों में विशेष शिविर लगाये जा रहे हैं. इन शिविरों के माध्यम से आदिम जनजाति परिवारों को पक्का घर, हर घर नल से जल, बिजली, सड़क, शिक्षा के लिए हॉस्टल, कौशल विकास, मोबाइल मेडिकल यूनिट, पोषण, उन्नत आजीविका और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जायेंगी. इसके अलावा स्वास्थ्य जांच, राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान भारत योजना और सामाजिक सुरक्षा दस्तावेजों के सत्यापन की सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध करायी जा रही हैं. 18 मई से शुरू हुए इस अभियान के तहत 19 से 25 मई तक चयनित गांवों में लगातार शिविर आयोजित किये जायेंगे. विलेज इमर्शन ड्राइव और जनसुनवाई का शेड्यूल : अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि 20 मई को विलेज इमर्शन ड्राइव के तहत प्रशासनिक अधिकारी पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के चयनित गांवों का दौरा करेंगे. वे ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं का आकलन करेंगे. इसके बाद 21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों में विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम होगा, जहां लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया जायेगा. 24 मई को फील्ड रिपोर्ट और उपलब्धियों का संकलन किया जायेगा, इसके बाद समीक्षा बैठक होगी. इस मौके पर डीडीसी (प्रभारी) सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, जिला कल्याण पदाधिकारी सरस्वती कच्छप सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
विशेष शिविरों से संवरेगा आदिम जनजातियों का जीवन
विशेष शिविरों से संवरेगा आदिम जनजातियों का जीवन
