सेन्हा़ सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के अलौदी पंचायत अंतर्गत हेसवे नवाटोली गांव की सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है. यह मार्ग अत्यंत संकीर्ण और उबड़-खाबड़ हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़युक्त हो जाता है और लोगों को दूसरे रास्तों से होकर गांव तक पहुंचना पड़ता है. ग्रामीणों ने प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वर्ष 2023 में ग्राम प्रधान बुधमन उरांव की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक कर सड़क निर्माण के लिए जिला उपायुक्त को आवेदन दिया गया था. लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस जर्जर मार्ग के कारण ग्रामीणों को कार्यालय के काम से प्रखंड और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में कठिनाई होती है. बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है. एम्बुलेंस चालक भी इस रास्ते से गांव में आने से कतराते हैं. बच्चों को विद्यालय और कॉलेज समय पर पहुंचना संभव नहीं हो पाता. किसानों को बाजार तक जाने में भी परेशानी होती है. ग्रामीण राजेन्द्र उरांव, बिपिन उरांव, दीपेश उरांव, भरत भगत और प्रवीण उरांव का कहना है कि किसी भी गांव या क्षेत्र के विकास में सड़क की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. लेकिन करीब 20 वर्षों से यह मार्ग खराब स्थिति में है, जिसके कारण गांव का विकास अवरुद्ध हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क लगभग 20 वर्ष पहले मिट्टी और मोरम डालकर बनायी गयी थी. मरम्मत और पक्कीकरण के अभाव में अब यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगायी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि विकास की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन जब बुनियादी सुविधाएं ही नहीं मिल पा रही हैं तो विकास का दावा समझ से परे है.
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