शुभम साहू हत्याकांड: आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन, महिलाओं ने किया प्रदर्शन

लोहरदगा में व्यवसायी शुभम साहू की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी परिजनों का आक्रोश उफान पर है. शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की. बहन की दर्दभरी पुकार ने माहौल को गमगीन कर दिया.


लोहरदगा से गोपी कृष्ण कुंवर की रिपोर्ट

Lohardaga News: लोहरदगा के युवा व्यवसायी शुभम साहू हत्याकांड में पुलिस द्वारा आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि के बाद भी परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ. शनिवार को बड़ी संख्या में मृतक के परिजन, मोहल्लेवासी और महिलाएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इससे पहले पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने प्रेस वार्ता कर मामले के उद्भेदन और आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी दी. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

'हत्यारों को फांसी दो' के नारों से गूंजा परिसर

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शुभम साहू के हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल गिरफ्तारी से न्याय पूरा नहीं होगा, बल्कि दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए. कुछ आक्रोशित लोगों ने आरोपितों को उनके हवाले करने जैसी मांग भी उठाई. एसपी कार्यालय परिसर में लंबे समय तक "शुभम को न्याय दो" और "हत्यारों को फांसी दो" के नारे गूंजते रहे. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई जरूरी है.

बहन की दर्दभरी पुकार से नम हुईं लोगों की आंखें

प्रदर्शन के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब शुभम साहू की बहन रोते-बिलखते पुलिस प्रशासन से अपने भाई के लिए न्याय की गुहार लगाने लगी. उसने कहा कि उसके भाई की हत्या ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. उसने भावुक होकर सवाल किया कि अब परिवार का सहारा कौन बनेगा, पिता और दादा की देखभाल कौन करेगा और उसका भविष्य कैसे आगे बढ़ेगा. उसकी दर्दभरी बातें सुनकर मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई.

महिलाओं को गेट पर रोका

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एसपी कार्यालय के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं को अंदर जाने से रोक दिया. इसी दौरान एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा मौके पर पहुंचीं और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. हालांकि प्रदर्शनकारी महिलाएं लगातार नारेबाजी करती रहीं और अपनी मांगों पर अडिग रहीं.

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प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का दिया भरोसा

प्रदर्शन के दौरान पूरे समय पुलिस बल मुस्तैद रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और भीड़ शांत हुई. हालांकि मृतक के परिजनों और मोहल्लेवासियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषियों को अदालत से कठोर सजा नहीं मिलती, तब तक उनका न्याय के लिए संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने प्रशासन से मामले की सुनवाई में तेजी लाने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग भी की.

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लेखक के बारे में

By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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