प्रतिनिधि, लोहरदगा पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. ईंधन के दाम बढ़ने से परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिसका सीधा असर खाद्य सामग्री, सब्जी और किराये पर पड़ रहा है. इस बढ़ती महंगाई से सबसे ज्यादा मध्यम और गरीब वर्ग प्रभावित है. आम लोगों की आय नहीं बढ़ रही, लेकिन रोजमर्रा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है.
लगातार बढ़ती कीमतों पर विभिन्न वर्गों ने जतायी चिंता : ईंधन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर जिले के व्यवसाइयों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है़ इसे लेकर शहरी क्षेत्र के नौशाद अंसारी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. सरकार को जनता की परेशानी समझकर तुरंत राहत देनी चाहिए. युवा व्यवसायी रवि खत्री ने कहा कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिससे सब्जी और राशन महंगे हो गये हैं. इसका सीधा असर गरीब व मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश मिश्रा ने कहा कि बाइक से रोज काम पर जाना अब मुश्किल होता जा रहा है. हर महीने ईंधन पर होने वाला अतिरिक्त खर्च आम लोगों की कमर तोड़ रहा है. युवा व्यवसायी पंकज जायसवाल ने कहा कि यातायात खर्च बढ़ने का असर बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू जरूरतों तक पड़ रहा है. इसके बावजूद बाजार में ईंधन की किल्लत बनी हुई है. सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना चाहिए. आम जनता को राहत देने के लिए टैक्स दरों में कटौती करना बेहद जरूरी है. वहीं, कांग्रेस के नेता मोज्जमील अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है. सरकार को टैक्स कम कर जनता को राहत देनी चाहिए.
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