Lohardaga Tourism: पूर्व मंत्री सह लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने पेशरार प्रखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र का भ्रमण कर प्रसिद्ध लावापानी जलप्रपात का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता का जायजा लिया और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर अधिकारियों और ग्रामीणों से चर्चा की.
लावापानी प्रकृति की अनुपम देन
विधायक ने कहा कि लावापानी प्रकृति की अनुपम देन है. जिला मुख्यालय से करीब 50-52 किलोमीटर दूर केकरांग-पेशरार मार्ग पर स्थित यह जलप्रपात करीब 900 फीट की ऊंचाई से सात चरणों में गिरता है. पानी की धार मोतियों की तरह चमकती है, जबकि चारों ओर घने जंगल और पहाड़ इसकी सुंदरता को और बढ़ाते हैं.
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पर्यटन के लिए तेजी से उभर रहा लावापानी
डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि एक समय पेशरार का यह इलाका उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माना जाता था. अब क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद लावापानी पर्यटन के नए डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है और बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास जरूरी है. जलप्रपात तक पहुंचने वाली अंतिम करीब 4 किलोमीटर सड़क जर्जर होने के कारण पर्यटकों को परेशानी होती है.
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सड़क मरम्मत और सुविधाएं विकसित करने का निर्देश
विधायक ने अधिकारियों को बोंडोबार से लावापानी होते हुए दुग्गू तक सड़क की मरम्मत में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही पर्यटकों के लिए संकेत बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया.
युवाओं को मिल सकता है रोजगार
स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक से लावापानी को आधिकारिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकास होने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं. विधायक ने भरोसा दिलाया कि लावापानी को लोहरदगा के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने और इसे राज्य सरकार की पर्यटन योजना में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा. इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, स्वास्थ्य प्रतिनिधि हाजी शकील अहमद, रोहित उरांव, विशाल डुंग डुंग, प्रखंड अध्यक्ष बुद्धदेव उरांव, असलम अंसारी, साकिम अंसारी, सुमेश्वर भुइया, जियाउद्दीन अंसारी, रामधनी राम सहित अन्य लोग मौजूद थे.
