पानी..लगातार हो रही बारिश से लोग परेशान, जनजीवन प्रभावित

जिले में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है

फोटो जलमग्न मुक्तिधाम क्षेत्र फोटो स्कूल के बाउंड्री वॉल में गिरा पेड़ फोटो गिरा खपरैल मकान लोहरदगा. जिले में लगातार चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. सामान्य वर्षा के लक्ष्य 137.3 मिमी के मुकाबले अब तक 342.5 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. इस अत्यधिक वर्षा के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग घरों में कैद हैं, जिससे आवश्यक कार्य, स्कूलों और सरकारी कार्यालयों की उपस्थिति पर भी असर पड़ा है. बारिश के कारण कई कच्चे मकान ढह गये हैं, जिससे प्रभावित परिवारों को रहने में कठिनाई हो रही है. कुछ स्थानों पर दीवार गिरने से बच्चे घायल भी हुए हैं. कोयल और शंख नदियां उफान पर हैं, जिससे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है और दो पुलों को नुकसान भी पहुंचा है. कई ग्रामीण सड़कों और डायवर्सन के बह जाने से आवागमन बाधित हो गया है. किसानों को हुआ भारी नुकसान किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. खेतों में डाले गये बिचड़े सड़ गए हैं और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो रही हैं. वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने वाले किसान महंगे बीज और खाद का उपयोग करते हैं, जिससे नुकसान और भी गंभीर हो गया है. डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोग दूध नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है. बिजली आपूर्ति प्रभावित बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई क्षेत्रों में तीन दिन से बिजली गुल है, जबकि शहर में भी बिजली बार-बार कट रही है. इससे मोबाइल चार्ज करने जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. नुकसान का आकलन करने का निर्देश जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल-पुलियों और जलस्तर वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है. उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने संबंधित अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने और संभावित दुर्घटनाओं से सतर्क रहने का निर्देश दिया है. पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. लोहरदगा नगर परिषद क्षेत्र के निचले इलाकों में जलजमाव से लोगों का जीवन और कठिन हो गया है। वहीं, कुछ लोग प्रशासन से मुआवजे की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों के पास चक्कर काट रहे हैं. जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि बारिश के बाद संबंधित अधिकारियों से मिलकर मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जायेगा.

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By VIKASH NATH

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