कैरो़ प्रकृति का पावन पर्व सरहुल कैरो प्रखंड के सढ़ाबे पंचायत मुख्यालय में पारंपरिक रीति-रिवाज और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस मौके पर सढ़ाबे गांव के झखरा स्थल पर पहान करमदयाल उरांव और पुजार शकलु उरांव के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गयी. ग्रामीणों ने उपवास रखकर प्रकृति की देवी से क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की. बुधवार को गांव में पारंपरिक ढोल और मांदर की गूंज के साथ भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए. यह शोभायात्रा गांव के अखड़ा से प्रारंभ होकर शिव मंदिर मार्ग से गुजरती हुई महादेव मंदिर मैदान पहुंची, जहां एक भव्य कार्यक्रम के साथ इसका समापन हुआ. जुलूस के दौरान ग्रामीण पारंपरिक गीतों पर थिरकते नजर आये, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. इस अवसर पर सढाबे पंचायत की मुखिया सुमित्रा उरांव ने संबोधित करते हुए कहा कि सरहुल प्रकृति और मानव के गहरे संबंध का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि इस पर्व की पूजा-अर्चना से दूषित पर्यावरण शुद्ध होता है और प्रकृति की देवी समस्त जीव-जंतुओं का कल्याण करती है. शोभायात्रा के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष राजकुमार पहान, लखन उरांव, राजेश्वर भगत, भीम भगत, किशोर उरांव, विजय एक्का, राम उरांव, नगवा उरांव, अनिल उरांव, संदीप उरांव, राजेंद्र महतो, परमानंद साहु, राजेश भगत, बालू उरांव, मीकेश, भऊका उरांव, राजू उरांव और जयसिंह उरांव सहित काफी संख्या में ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
पहान-पुजार ने की सुख-समृद्धि की कामना, मांदर की थाप पर थिरके ग्रामीण
पहान-पुजार ने की सुख-समृद्धि की कामना, मांदर की थाप पर थिरके ग्रामीण
