लोहरदगा शहरी जलापूर्ति योजना के संवेदक का नगर परिषद में एक करोड़ 10 लाख बकाया

पैसा नहीं मिलने पर बंद होगी शहरी जलापूर्ति योजना

लोहरदगा : लोहरदगा शहरी जलापूर्ति योजना के संवेदक कुमार संदीप ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखा है़ पत्र में कहा है कि वर्ष 2017 से 2020 तक उसके द्वारा कराये गये जलापूर्ति योजना के मेंटेनेंस से संबंधित राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वह अब शहरी जलापूर्ति योजना को आगे चलाने में सक्षम नहीं है.

इसलिए 28 सितंबर 2020 से उन्होंने शहरी जलापूर्ति योजना को बंद करने का पत्र नगर परिषद को दिया है. पत्र में कहा गया है कि शहरी जलापूर्ति योजना के रख-रखाव और संचालन को लेकर उन्होंने एक जुलाई 2017 से काम शुरू किया था़ इसमें उनके द्वारा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली, गुमला रोड, कॉलेज रोड, बीआइडी, छत्तर बगीचा, अपर बाजार, तिवारी दूरा, कोयरी मोहल्ला, बालिका स्कूल, प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों के क्वार्टर समेत कोर्ट परिसर में पानी की आपूर्ति की जाती थी.

उनके द्वारा इस कार्य में बड़े पैमाने पर राशि खर्च की गयी है जो कि बैंक और अन्य निजी लोगों से लेकर काम में लगाया गया है. उनका नगर पालिका में एक करोड़ नौ लाख 1202 रुपये बकाया है. इसमें शंख नदी में ट्रांसफॉर्मर केबल लगाने पर आठ लाख 32000 हजार, ब्लीचिंग एलम में 29 लाख 68 हजार रुपये, पुराना प्लांट में लेबर खर्च 2017 से 20 तक में 36 लाख 86 हजार 202 रुपये, थ्रस्टब्लॉक मीडिया स्पोर्ट में 12 लाख,

ओपनवेल समरसेबल वायर पाइप में 10 लाख पैंतीस हजार रुपये, टैंकर के माध्यम से पानी सप्लाइ करने में सात लाख 30 हजार, पुराना नगर पालिका परिसर में ट्रांसफार्मर लगाने में चार लाख 50 हजार रुपये खर्च किया गया है. लेकिन नगर परिषद ने इसमें से एक भी राशि का भुगतान नहीं किया है. जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

उनके ऊपर कर्ज का दबाव बढ़ता जा रहा है. जिससे वे आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इसके पूर्व भी पैसे की मांग किये थे और नगर परिषद को कहा था कि शहरी जलापूर्ति योजना का संचालन नहीं कर सकते हैं. लेकिन उन्हें आश्वासन दिया गया था कि आप काम सुचारु रूप से करें पैसे का भुगतान हो जायेगा.

इसके बावजूद पैसे का भुगतान नहीं हुआ. कोरोना संक्रमण काल में भी उन्होंने काम छोड़ने का लिखित आवेदन दिया था. उसमें भी कहा गया था कि आपको राशि का भुगतान कर दिया जायेगा. लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है. शहरी जलापूर्ति योजना के संवेदक कुमार संदीप ने कहा है कि नयी शहरी जलापूर्ति योजना का उन्हें नियमित भुगतान किया जा रहा है.

लेकिन पुरानी योजना में जो राशि उन्होंने खर्च की है उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है जो उनके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. इधर योजना बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ेगी. शहर के अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं. बड आबादी शहरी जलापूर्ति योजना पर ही निर्भर है.

posted by : sameer oraon

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