लोहरदगा़ समाहरणालय मैदान में आयोजित दो दिवसीय साहित्य एवं फिल्म महोत्सव अखड़ा आलाप के तहत सजे पुस्तक मेले में ज्ञान की खुशबू बिखर रही है. मेले में पुस्तक प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां विभिन्न स्टॉलों पर सजी देश-दुनिया के लेखकों की कृतियां पाठकों को आकर्षित कर रही हैं. बच्चों से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं तक के लिए यहां किताबों का विशाल संग्रह उपलब्ध है. विद्यार्थियों की पहली पसंद बनीं प्रतियोगी परीक्षाएं : प्रभात प्रकाशन के संजीव भदौरिया ने बताया कि मेले में धार्मिक, साहित्यिक, कहानियों और उपन्यासों के साथ सामान्य ज्ञान की पुस्तकों के विशेष स्टॉल लगाये गये हैं. सबसे अधिक उत्साह छात्र-छात्राओं में देखा जा रहा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं और झारखंड के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी किताबों की खरीदारी कर रहे हैं. बच्चों के लिए रंगीन चित्र कथाएं और ज्ञानवर्धक पुस्तकें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. ज्ञान गंगा स्टॉल पर महापुरुषों की गाथा : ज्ञान गंगा के स्टॉल पर भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी, चाणक्य नीति, सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, प्रेमचंद की कालजयी कहानियां और जेम्स वाट जैसी प्रेरणादायक पुस्तकें उपलब्ध हैं. अभिभावक भी अपने बच्चों को ””””डिजिटल स्क्रीन”””” से दूर कर किताबों की दुनिया से जोड़ने के लिए मेले में पहुंच रहे हैं. शनिवार तक चलेगा मेला : जनसंपर्क पदाधिकारी : जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शिवनंदन बड़ाईक ने बताया कि लोहरदगा में यह आयोजन पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का एक सकारात्मक प्रयास है. उन्होंने जानकारी दी कि पुस्तक मेला शनिवार तक चलेगा. उन्होंने जिले के प्रबुद्ध जनों और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी पसंद की पुस्तकों का चयन करने की अपील की है.
लोहरदगा में सजी किताबों की दुनिया, पुस्तक प्रेमियों की उमड़ी भीड़
लोहरदगा में सजी किताबों की दुनिया, पुस्तक प्रेमियों की उमड़ी भीड़
