लोहरदगा़ झारखंड आंदोलनकारी महासभा जिला समिति के तत्वावधान में शनिवार को शंख नदी के तट पर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती आंदोलनकारी दिवस के रूप में मनायी गयी. जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में आंदोलनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी. सामाजिक परिवर्तन के नायकों को नमन : वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले और जयपाल सिंह मुंडा को नमन करते हुए कहा कि ये दोनों व्यक्तित्व राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखने वाले हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और कुर्बानियों का परिणाम है. लेकिन विडंबना यह है कि आज 25 वर्षों के बाद भी आंदोलनकारियों को अपनी पहचान और हक के लिए लड़ना पड़ रहा है. गुरुजी मॉडल लागू करने की मांग : महासभा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि आंदोलनकारियों के हित में अविलंब शिबू सोरेन मॉडल लागू किया जाये. इसके तहत प्रत्येक आंदोलनकारी को 8000 रुपये पेंशन, पक्का मकान, मुफ्त चिकित्सा और नियोजन जैसी सुविधाएं प्रदान करने की बात कही गयी है. वक्ताओं ने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए़ कार्यक्रम में केंद्रीय प्रधान महासचिव कयूम खान, सीता उरांव, कार्यकारी अध्यक्ष अमर किंडो और जिला सचिव विशेषण भगत,कोषाध्यक्ष कृष्णा कुमार ठाकुर सहित काफी संख्या में आंदोलनकारी शामिल थे.
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