लोहरदगा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नयी दिल्ली व झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), लोहरदगा के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत का मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम धनबाद सिविल कोर्ट में आयोजित हुआ, जहां झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया.
1.26 करोड़ रुपये राजस्व की हुई प्राप्ति
लोहरदगा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित लोक अदालत में कुल 947 वादों का निष्पादन किया गया. इस दौरान 1,26,34,240 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई. डालसा सचिव मनोरंजन कुमार ने बताया कि मामलों के निष्पादन के लिए कुल छह बेंच गठित किये गये थे. इनमें आपराधिक, पारिवारिक, विद्युत अधिनियम, एमएसीटी, सिविल, बैंक, एनआई एक्ट, उत्पाद, श्रम, राजस्व, उपभोक्ता समेत विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गयी. लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकारों ने भाग लेकर आपसी सहमति से अपने मामलों का निपटारा कराया.
डालसा सचिव व पीडीजे ने विभिन्न बेंचों का किया निरीक्षण
लोहरदगा से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष राजकमल मिश्रा एवं डालसा सचिव मनोरंजन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. उद्घाटन के बाद पीडीजे राजकमल मिश्रा ने लोक अदालत के लिए गठित विभिन्न बेंचों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने पर पक्षकारों को त्वरित राहत मिलती है. इससे समाज में आपसी भाईचारा और विश्वास भी मजबूत होता है. उन्होंने अधिकारियों को पक्षकारों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और लचीला रुख अपनाते हुए मामलों का सहमति से ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
