कुड़ू़ कुड़ू प्रखंड के बरवाटोली में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया. इस अवसर पर महायज्ञ स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह उत्सव श्रद्धा व उल्लास के साथ संपन्न कराया गया. विवाह से पूर्व शिव जी की भव्य बारात निकाली गयी, जिसका ग्रामीणों ने जगह-जगह स्वागत किया. गांव भ्रमण के बाद बारात यज्ञ मंडप पहुंची, जहां द्वार पूजन व अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गयीं.शिव आराधना से दूर होते हैं सारे दुख : विवाह संपन्न होने के पश्चात संगीतमय प्रवचन का शुभारंभ करते हुए यज्ञाचार्य रामाकांत शास्त्री ने शिव महिमा का बखान किया. उन्होंने कहा कि शिव ही सत्य और शिव ही सुंदर हैं. महादेव महज भांग, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं. शिव के दरबार में मत्था टेकने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता. उन्होंने बताया कि जहां भी कथा या यज्ञ का आयोजन होता है, वहां की सुरक्षा की निगरानी स्वयं महादेव करते हैं. भक्ति गीतों पर झूमते रहे श्रद्धालु : कथा वाचक प्रभु दास जी महाराज ने अपने सुमधुर भजनों और संगीतमय प्रवचन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. भक्ति गीतों पर श्रद्धालु घंटों झूमते रहे. इससे पूर्व विधि-विधान के साथ मंडप पूजा, वेदी पूजन और सभी देवी-देवताओं का आह्वान कर आरती उतारी गयी. आयोजन समिति द्वारा कुछ गणमान्य अतिथियों को सम्मानित भी किया गया. मौके पर पवन शास्त्री, विनय पांडे सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.
शिव अराधना से मनुष्य का जीवन होता है सफल : यज्ञाचार्य रामाकांत शास्त्री
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