लोहरदगा: रक्षाबंधन के अवसर पर लोहरदगा वन प्रमंडल की ओर से कुड़ू-लोहरदगा मुख्य पथ स्थित कड़ाक जंगल में अनोखी और प्रेरणादायक पहल की गयी. यहां वनकर्मियों और ग्रामीणों ने पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया. वन विभाग की ओर से आयोजित वृक्ष रक्षा बंधन कार्यक्रम के दौरान जंगल के पेड़ों को राखी बांधी गयी.
कार्यक्रम में वनकर्मियों और ग्रामीणों ने हाथों में रक्षा सूत्र लेकर पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प लिया. मौके पर बैनर पर ‘वृक्ष रक्षा बंधन’ लिखा गया था. उप प्रमुख ऐनुल अंसारी ने साल के पेड़ को रक्षा सूत्र बांधकर कार्यक्रम की शुरुआत की.
उन्होंने कहा कि पेड़ को राखी बांधना केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है. पेड़ बिना कुछ कहे जीवनभर लोगों को ऑक्सीजन और छाया देते हैं. इनकी रक्षा करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है. झारखंड की पहचान उसके जंगलों से है और लोहरदगा की पहचान हरियाली से है. इसे बचाने के लिए सभी को आगे आना होगा.
पेड़ों से भावनात्मक जुड़ाव है उद्देश्य
प्रभारी वनपाल पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जंगल और पेड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ना है. जिस तरह बहन अपने भाई की रक्षा के लिए राखी बांधती है, उसी तरह पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया है.
उन्होंने ग्रामीणों से वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की. मौके पर संदीप कुमार राम, राजी अंसारी, मनौव्वर अंसारी, प्रयाग महली, गौतम राम, देवेंद्र लोहरा, राजेश उरांव, इरशाद अंसारी, सिकंदर उरांव, बबलू खान सहित अन्य लोग मौजूद थे.
