लोहरदगा़ दक्षिणी झारखंड के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. वर्षों से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे गुमला, लोहरदगा, जशपुर और आसपास के लाखों लोगों का सपना अब साकार होने की ओर बढ़ चुका है. लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के सतत प्रयासों और रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार की गयी मजबूत पैरवी के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अधिसूचित कर दिया है. रेल मंत्रालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) ने रेल मंत्रालय अधिनियम 1889 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक उद्देश्य के लिए झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के बीच लोहरदगा से गुमला होते हुए पत्थलगांव-धरमजयगढ़ तक 291.881 किलोमीटर लंबी नयी रेलवे लाइन बनाने की अधिसूचना जारी की है. यह परियोजना सीमावर्ती आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक उत्थान की मजबूत आधारशिला साबित होगी. संसद में उठी थी आवाज, कई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ : सांसद सुखदेव भगत ने दो बार संसद में गुमला को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग उठायी थी. उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री को अवगत कराया था कि गुमला जिला परमवीर अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है. साथ ही यहां भगवान हनुमान का जन्म स्थान आंजन धाम, आदिवासियों का धार्मिक स्थल सीरा सीता नाला और टांगीनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण स्थल स्थित हैं. कई नये रेलवे स्टेशन स्थापित होेंगे : प्रस्तावित रेल मार्ग के तहत झारखंड के लोहरदगा, सेन्हा, घाघरा, टोटो, गुमला, रायडीह के पोगरा क्षेत्र के अलावा छत्तीसगढ़ के लोदाम और जशपुर सहित कई नये रेलवे स्टेशन स्थापित किये जायेंगे. इससे ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा और लोगों को दिल्ली, यूपी, कोलकाता व रांची जाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे किसान अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, खनिज संपदा वाले क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और पर्यटन, परिवहन व सेवा क्षेत्र में हजारों नये रोजगार सृजित होंगे. स्थानीय नागरिकों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास का गेम चेंजर बताया है.
लोहरदगा-गुमला-धरमजयगढ़ नयी रेल लाइन परियोजना अधिसूचित, सांसद की पहल रंग लायी
लोहरदगा-गुमला-धरमजयगढ़ नयी रेल लाइन परियोजना अधिसूचित, सांसद की पहल रंग लायी
