लोहरदगा: झारखंड राज्य आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत से उनके आवास पर मिला. प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर वर्षों से कार्यरत आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनकी कार्य-जिम्मेदारियों, अनुभव और योगदान के अनुरूप एल-7 वेतन स्तर में समायोजित करने की मांग रखी.
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि झारखंड के विभिन्न जिलों में ग्रामीण विकास एवं आजीविका मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का कंप्यूटर ऑपरेटर वर्षों से जिम्मेदारी के साथ निर्वहन कर रहे हैं. इसके बावजूद उनकी सेवा, अनुभव और कार्य की प्रकृति के अनुरूप एल-7 में समायोजन की मांग अब तक निर्णायक स्थिति तक नहीं पहुंची है. इसी मांग को लेकर संघ की ओर से 12 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है.
बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्देश
प्रतिनिधिमंडल ने विभाग की ओर से जारी पत्रों की स्थिति से भी सांसद को अवगत कराया. संघ के अनुसार, 18 अगस्त को पत्रांक जेएसएलपीएस/एचआरडी 556/2720 के माध्यम से 20 अगस्त को बैठक के लिए बुलाया गया था. इसके बाद 21 अगस्त को पत्रांक जेएसएलपीएस-एचआरडी/56/2822 जारी कर हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने का निर्देश दिया गया.
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि 20 अगस्त को हुई बैठक में एल-7 में समायोजन की मूल मांग पर कोई अंतिम एवं स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया. बैठक में मांग और उससे जुड़े तथ्यों पर विचार-विमर्श हुआ, लेकिन न तो समायोजन की अंतिम स्वीकृति दी गई और न ही निर्णय के लिए कोई निश्चित समय-सीमा बताई गई. ऐसे में अगले ही दिन हड़ताल समाप्त कर कार्य पर लौटने का निर्देश दिए जाने से कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
सरकार के समक्ष मांग रखने का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने और संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों की जायज मांग है और उनके साथ न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा. सांसद ने कहा कि वह झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री से मिलकर आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटरों के एल-7 में समायोजन की मांग को पुरजोर तरीके से रखेंगे.
सांसद के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल में उम्मीद जगी है. संघ ने विश्वास जताया कि वर्षों से जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम कर रहे आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटरों की मांग पर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी और उनके अनुभव एवं कार्य-जिम्मेदारियों के अनुरूप एल-7 में समायोजन का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होगा.
